राजस्व मंडल का फर्जी आदेश बनाने के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी की संलिप्तता दो मामलों में पाई गई थी। मुख्य आरोपी को पुलिस ने उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। प्रकरण से संबंधित मूल दस्तावेज पुलिस टीम ने जब्त किया है। अन्य मामलों में मास्टरमाइंड की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, राजस्व मंडल के फर्जी आदेश मिलने के 11 मामले सरगुजा में सामने आए हैं, जिनमें अंबिकापुर के कोतवाली एवं गांधीनगर थानों में अपराध दर्ज किए गए हैं। 06 सितंबर 2024 को थाना कोतवाली में अंबिकापुर तहसीलदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पक्षकार अशोक अग्रवाल विरुद्ध सुखमणिया एवं अन्य में पारित आदेश दस्तावेज संदेहास्पद होने एवं अन्य दूसरे मामले में पक्षकार मो.फारुख, अंबिकापुर प्रति भगतु राम आवेदित भूमि ग्राम मानिकप्रकाशपुर तहसील अंबिकापुर के राजस्व प्रकरणों में राजस्व मंडल के आदेश संदिग्ध मिले थे। धोखाधड़ी का दर्ज हुआ है अपराध
दोनों प्रकरणों में राजस्व मंडल बिलासपुर के आदेश दस्तावेज संदेहास्पद मिलने पर पारित आदेश दस्तावेजों की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि राजस्व मंडल बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पारित आदेश में कूटरचना कर आदेशों को बदला गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) का अपराध दर्ज किया था। यूपी से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
पुलिस टीम द्वारा आरोपी मो.फारूक निवासी अंबिकापुर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि मामले का मास्टर माइंड मो. दस्तगीर अंसारी है, जिसके द्वारा आदेशों में हेराफेरी की गई थी। पुलिस ने मो. दस्तगीर अंसारी को बिंढमगंज, उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। मो. दस्तगीर अंसारी मूलतः रामानुजगंज का निवासी हैं। आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. दस्तगीर अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।


