बाघिन ऐरोहेड व उसके शावक गुरुवार शाम को रणथम्भौर दुर्ग में जा पहुंचे। यहां पर बाघिन में उसकी शावकों का करीब मूवमेंट एक घंटे तक बना रहा। इस दौरान दुर्ग में करीब 20 से 25 श्रद्धालु भी मौजूद थे। बाघिन ऐरोहेड व उसके को शाम करीब 5:00 बजे रणथम्भौर दुर्ग में जा पहुंचे। यहां पर बाघिन व उसके शावकों का मूवमेंट पद्मला तालाब के आसपास बना रहा। इस दौरान बाघिन व उसके शावक चल कदमी करते हुए लक्ष्मीनारायण मंदिर तक जा पहुंचे। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघिन में शावकों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी। वहीं यहां मौजूद लोगों को सुरक्षित दुर्ग से बाहर निकाला।उल्लेखनीय है कि बाघिन की की उम्र लगभग 10 वर्ष है। जुलाई 2023 में बाघिन ऐरोहेड ने चौथी बार तीन शावकों को जन्म दिया था। फिलहाल बाघिन शावकों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग दे रही है। दुर्ग में वन विभाग की अस्थाई चौकी बनाने की मांग वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट मुकेश सीट ने बताया कि बाघिन ऐरोहेड व उसके शावकों को लगातार रणथम्भौर दुर्ग में आ रही है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं बाघिन व उसके शावक को की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में वन विभाग की ओर से रणथम्भौर दुर्ग में अस्थाई वन चौकी बनानी चाहिए और लगातार बाघिन में उसके शावकों की मॉनिटरिंग की जानी चाहिए।


