देसूरी वन्यजीव अभयारण्य की पहाड़ियों में पिछले तीन दिनों से भीषण आग का कहर जारी है। नाल घाट से जुड़े बड़े पहाड़ों पर आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए 15 सदस्यों की विशेष टीम तैनात की है। टीम लगातार आग के फैलाव को रोकने का प्रयास कर रही है। पहाड़ों के दुर्गम इलाकों तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण आग को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने दूर से धुएं और लपटों को देखा है। आग के कारण जंगल में रहने वाले वन्यजीवों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया है। जिस स्थान पर आग लगी है, वहां इंसानों का पहुंचना लगभग असंभव है। इसी बीच राणकपुर घाट सेक्शन मार्ग पर रुपन माता की पर्वतमालाओं में सड़क पटरी के पास भी आग लग गई है। सामाजिकी वानिकी अरण्य सायरा के वनकर्मी और श्रमिक इस आग को नियंत्रित करने में जुटे हैं। बोखाडा रेंज की सड़क पटरी के समीप भी आग की लपटें देखी गई हैं। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।


