किडनैप पुलिसकर्मियों को छुड़ाने पहुंचे थानाधिकारी का सिर फोड़ा:सीकर में 30 से ज्यादा जवानों को घेरकर हमला, 11 घायल, गाड़ियां भी तोड़ीं

सीकर में बंधक पुलिसवालों को छुड़ाने पहुंची 5 थानों की पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में सीआई और एसआई का सिर फूट गया। 11 से ज्यादा पुलिसकर्मी गंभीर घायल हुए हैं। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के गाड़ियों को भी तोड़ दिया। घटना अजीतगढ़ थाने के डाला वाली ढाणी में मंगलवार रात 11:30 बजे की है। अटैक की सूचना मिलने पर एसपी भुवन भूषण यादव भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में पुलिस ने बुधवार सुबह तक करीब 12 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। अजीतगढ़ पुलिस थाना के SHO मुकेश कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया है। मारपीट के आरोपी को पकड़ने गए थे तीन पुलिसकर्मी
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे अजीतगढ़ थाने के तीन पुलिसकर्मी मारपीट केस के फरार आरोपी महिपाल को पकड़ने गए थे। इसी दाैरान गांव में आरोपी के ही किसी परिचित की बारात निकल रही थी। ऐसे में बारात में शामिल लोगों ने तीनों को बंधक बना लिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो देर रात 5 थानों (खंडेला,श्रीमाधोपुर,अजीतगढ़,थोई, रींगस) के 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी इन्हें छुड़ाने ढाणी में पहुंचे थे। पुलिस टीम को देखते ही ग्रामीणों ने छतों से पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान गांव की कुछ महिलाओं ने भी पुलिस के साथ मारपीट की। इस घटना में अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट, खंडेला थानाधिकारी इंद्रप्रकाश यादव समेत 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुकेश सेपट के सिर में 7 टांके आए हैं। माहौल बिगड़ता देख RAC की टीम को बुलाया गया। इसके बाद जैसे-तैसे वहां माहौल को शांत करवाया गया। इसके बाद पथराव में करने वाले ग्रामीणों को गिरफ्तार किया। हालांकि इसमें आरोपी महिपाल नहीं था। पुलिस पर किया हमला, गाड़ियों के शीशे टूटे
अजीतगढ़ थाना SHO मुकेश कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया है। इसके अनुसार, मंगलवार शाम अजीतगढ़ पुलिस थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुभाष, कॉन्स्टेबल कर्मेंद्र, राजेश और ड्राइवर कॉन्स्टेबल सुरेश अजीतगढ़ में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान परिवादी रामनिवास ने सूचना दी कि उसकी ओर से दर्ज कराए मामले का आरोपी महिपाल घर के सामने आकर गाली-गलौज कर रहा है। टीम वहां पहुंची, तब तक महिपाल और उसके साथी ढाणी की तरफ चले गए। ढाणी में जाकर देखा तो महिपाल के घर के बाहर कुंडी लगी हुई थी। वह साथियों के साथ बाहर खड़ा था। जैसे ही पुलिस ने गाड़ियों को मोड़ा तो महिपाल और उसके साथियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। गाड़ी के सभी शीशे टूट गए। जान बचाने के लिए टीम वहां से निकल सुरक्षित स्थान पर गई। थाना अधिकारी को इसके बारे में बताया। उन्होंने अतिरिक्त जाब्ता भेजने को कहा। कुछ देर बाद थाने के एएसआई नेकीराम 2 हेड कॉन्स्टेबल और 7 कॉन्स्टेबल के साथ ढाणी पर पहुंच गए। ASI को बना लिया था बंधक
पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए उनकी तरफ गई तो वहां 43 से ज्यादा लोग आक्रोशित हो गए। कहने लगे- पहले भी तुम लोग जान बचाकर भाग गए थे। अब फिर से मरने के लिए आ गए हो। अब तुम लोगों को जिंदा नहीं जाने देंगे। वहां मौजूद लोगों ने लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस की गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। भीड़ ने पुलिस वालों को घेर लिया। ASI नेकीराम को बनवारी लाल के मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। उनका मोबाइल कब्जे में ले लिया। वर्दी भी फाड़ दी। हेड कॉन्स्टेबल सुभाष ने थाना अधिकारी मुकेश को पूरा घटनाक्रम बताया। मुकेश, रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार, खंडेला थानाधिकारी इंद्रप्रकाश पुलिस जाब्ते के साथ वहां पहुंचे। घेरकर मारपीट की, पथराव किया
बनवारीलाल के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग लाठियां, धारदार हथियार और पत्थर लेकर खड़े थे। थाना अधिकारी मुकेश सहित पुलिस ने उन्हें समझाया, लेकिन वे नहीं माने। ASI को छोड़ने से साफ मना कर दिया। फिर मुकेश सहित अन्य पुलिसकर्मियों को घेर कर उनके साथ मारपीट और पथराव करना शुरू कर दिया। कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अजीतगढ़ सीएचसी लाया गया। घटना के बाद मौके से 7 लोगों को डिटेन किया। इसके बाद मौके पर करीब आधा दर्जन से ज्यादा थाना अधिकारी और पुलिस जाब्ता पहुंचा। जिन्होंने भी 6 लोगों को भी डिटेन किया। पुलिस पर मारपीट का आरोप
ग्रामीण महिला ने बताया कि पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। उन्हें डंडों से मारा। मटके, बर्तन तोड़ दिए। बिना हमसे कुछ पूछे पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। रात 3 बजे पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि जहां लड़ाई हुई, उससे उनका कोई नाता नहीं है। जिस शादी के दौरान यह विवाद हुआ, उस शादी से भी उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिसकर्मियों ने उनके घर की मोटरसाइकिल तोड़ दी। सोते हुए परिवार के लोगों पर लाठियां बरसाई। मेरी मां पिछले दो महीने से बीमार हैं, उन्हें भी घसीटते हुए पुलिस अपने साथ ले गई। पुलिसकर्मियों में लेडीज पुलिस नहीं थी। घर के ताले खोल-खोल कर हर चीज की तलाशी ली।

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