ईद के मौके पर मां के साथ नाना के घर आई दो बच्चियां आग में जिंदा जल गई। चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लगी और देखते ही देखते पूरा छप्पर जल गया। लोगों ने करीब 1 घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तक दोनों मासूम की मौत हो गई। हादसा डीग जिले के हिंगोटा गांव में हुआ। दोनों बच्चियां छप्पर में सो रही थी
खोह थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा ने बताया- अलवर के मालाखेड़ा के खरेड़ा गांव निवासी बच्ची वामिका (4) और मुस्कान (3) अपनी मां फरमीना के साथ ईद के मौके पर 31 मार्च को नाना दीनू के घर हिंगोटा आई थी। बुधवार सुबह 9 बजे फरमीना अपने माता-पिता और भाई बहनों के साथ गांव में ही एक व्यक्ति के खेत पर गेहूं की कटाई करने के लिए निकल गई थी। फरमीना के दोनों बेटियां छप्पर में सो रही थी। थाना प्रभारी ने बताया- बुधवार दोपहर करीब 12 बजे चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आसपास के लोगों ने दीनू को छप्पर में आग लगने के सूचना दी। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की से मौत हो गई थी। चूल्हे से निकली चिंगारी से लगी आग
महेंद्र शर्मा ने बताया- हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चियों के शवों को डीग जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फरमीना ने खेत पर जाने से पहले बच्चों और अपने लिए खाना बनाया था। इस दौरान छप्पर के बाहर बने चूल्हे की आग को अच्छी तरह नहीं बुझाया था। चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। पिता के पास था 2 साल का बेटा
फरमीना का पति अलवर में मजदूरी करता है। फरमीना के दो बेटियों के अलावा एक 2 साल का बेटा भी है। बेटा पिता के पास ही था, जबकि बेटियां मां के साथ आई थी।


