बुंडू अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस के बाद अब नेत्र सर्जरी भी जल्द

राजधानी रांची के बुंडू स्थित सब-डिविजनल हॉस्पिटल (एसडीएच) को सदर अस्पताल रांची की तर्ज पर अपग्रेड किया जा रहा है। एसडीएच को इस तरह अत्याधुनिक बनाया जा रहा है कि यहां से गंभीर बीमारियों के रोगियों को भी जिला अस्पताल या रिम्स रेफर करने की जरूरत न पड़े। यहां जेनरल फिजिशियन समेत अन्य चिकित्सक तो सेवा दे ही रहे हैं, पर अब यहां नेत्र सर्जरी की सुविधा भी शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है। बुंडू एसडीएच के प्रभारी ने सिविल सर्जन से संपर्क कर नेत्र सर्जरी शुरू करने की अनुमति मांगी है और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। जैसे ही उपकरण का इंस्टॉलेशन हो जाएगा, यहां आसानी से आंखों की सर्जरी शुरू हो सकेगी। इसके लिए बुंडू सब डिविजनल हॉस्पिटल में नेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सक पहले से मौजूद हैं। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि धीरे-धीरे रिम्स का भार सदर अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि रिम्स की भीड़-भाड़ से मरीजों को राहत मिले। इसके साथ सब-डिविजनल हॉस्पिटल और सीएचसी को भी अत्याधुनिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत एक से डेढ़ माह के भीतर बुंडू में आंखों की सर्जरी शुरू करने की तैयारी है। गांवों से मरीजों को वाहन से लाने की सुविधा भी दी जा रही
नेत्र विभाग की टीम का नेतृत्व डॉ. प्रीतीश प्रणय के हाथों में है। अस्पताल में जिला अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना का भी लाभ मरीजों को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी अब अस्पताल तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। जिन्हें सदर अस्पताल आने में दिक्कत होती है, उन्हें वाहन सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह सेवा आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदान की जा रही है। सदर अस्पताल में 5 महीने में 500 रोगियों की मोतियाबिंद सर्जरी
सदर अस्पताल के नेत्र विभाग ने भी एक उपलब्धि हासिल की है। 5 महीने में 500 से ज्यादा मोतियाबिंद सर्जरी डॉक्टरों ने की है। विभाग में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं का लाभ मरीजों को मिल रहा है। अस्पताल में नेत्र संबंधी ऑपरेशन के लिए फेको विधि और एसआईसीएस विधि का उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि ऑपरेशन की सफलता दर में वृद्धि हो रही है। अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन ऑपरेशन किए जा रहे हैं। एक दिन में 12 से 20 मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। रोज 6 किडनी रोगियों की हो रही डायलिसिस
अभी बुंडू सब-डिविजनल हॉस्पिटल में किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिल रही है। कुछ महीने पहले यहां हंस फाउंडेशन के द्वारा नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा शुरू की गई है। पांच बेड में मरीजों को यह सेवा मिल रही है। हर दिन 6 से 7 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। बताते चलें कि बुंडू के आसपास से रोज 5 से 7 मरीज डायलिसिस कराने सदर अस्पताल पहुंचते थे। यहां आने में न सिर्फ समय की बर्बादी होती थी, बल्कि यात्रा करने के कारण सेहत पर भी असर पड़ता था। अब यह सेवा शुरू होने से उन मरीजों को नजदीक में ही डायलिसिस की सुविधा मिल रही है।

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