भास्कर न्यूज | राजनगर फर्जी भर्ती के बाद संविलियन हुए कुछ कर्मचारियों द्वारा जिस तरह से न्यायालय में गलत तथ्य पेश कर फर्जी भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है, उसे लेकर क्षेत्र के तीन नगर परिषद के मास्टर कर्मचारियों ने विरोध तेज कर दिया है। मास्टर कर्मचारियों ने राजनगर स्थित भगत सिंह चौक पर प्रेसवार्ता की। इसमें बताया कि पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि बिना किसी कार्य के परिषद द्वारा भुगतान किया जा रहा है, जहां फर्जी कर्मचारी राज्य के बाहर घूम रहे हैं। अन्य संस्थाओं में भी वे काम कर रहे हैं और यहां भी आकर फर्जी तरीके से भुगतान ले रहे हैं। इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई मास्टर कर्मचारी संघ लड़ रहा है। कोरोना जैसी महामारी में क्षेत्र के स्थानीय मास्टर कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम किया और आज भी काम कर रहे हैं, लेकिन संविलियन कर्मचारियों को फर्जी भुगतान किया गया है, जो पूरी तरह गलत है। संविलियन कर्मचारियों ने न्यायालय में गलत तथ्य पेश किया है, लेकिन अब हम सही तथ्य पेश करेंगे। प्रेसवार्ता में यह सवाल उठाया गया कि यह बात समझ से परे है कि जिस फर्जी संविलियन भर्ती में एसडीएम से लेकर नगरीय प्रशासन में संयुक्त संचालक जैसे बड़े अधिकारी के ऊपर कार्रवाई की गई। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया तो यह संविलियन कर्मचारी सही कैसे हो गए। ऐसी कोई ग्राम पंचायत नहीं है, जहां तीन या चार से अधिक कर्मचारी होंगे, लेकिन एक-एक नगर परिषद में 65 से 70 लोगों का संविलियन कर दिया गया।


