गर्मी से बचने को ज्यादा पानी पीएं, हल्के-सू​ती कपड़े पहनें

भास्कर न्यूज | अमृतसर सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर की ओर से लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इस दौरान जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरजोत कौर, जिला एमईआईओ अमरदीप सिंह एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। डॉ. किरणदीप कौर ने बताया कि गर्म हवाएं (लू) प्यास बढ़ाने के साथ-साथ त्वचा और आंखों को प्रभावित करती हैं। अत्यधिक गर्मी में शरीर पसीने के जरिए तापमान नियंत्रित करता है, लेकिन ज्यादा पसीना निकलने से पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर का तापमान बहुत अधिक हो जाता है, तो इसे हीट स्ट्रोक कहते हैं। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों और मजदूर वर्ग के लिए खतरनाक होती है। इसके अलावा, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को भी लू लगने का खतरा अधिक रहता है। थकान, बुखार, उल्टी, दिल की धड़कन तेज होना आदि लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए और डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। दस्त और गर्मी से बचने के लिए जितना हो सके नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस घोल जैसे तरल पदार्थों का उपयोग करें। बाहर निकलने से पहले शरीर को पूरी तरह से ढकें। संतुलित और घर का बना खाना खाएं, धूप में जाने से बचें और आसपास की सफाई का ध्यान रखें।.आंखों के सामने अंधेरा छाना .बेहोशी और चक्कर आना .सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी .अत्यधिक प्यास लगना .मांसपेशियों में दर्द . लाल, गर्म और शुष्क त्वचा .अधिक गर्मी के बावजूद पसीना आना बंद हो जाना . खाली पेट बाहर न जाएं, अचानक कूलर-एसी से धूप में न निकलें . अधिक मिर्च-मसाले वाले भोजन से बचें, घर का ही भोजन करें। . दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में जाने से बचें . शराब या कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन कम करें . गर्मी से बचने के लिए ज्यादा मात्रा में पानी, लस्सी और ओआरएस पीएं . हल्के और सूती कपड़े पहनें . धूप में सिर को दुपट्टे, टोपी या छतरी से ढकें . बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाएं और धूप से बचने के लिए चश्मे पहनें .बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *