सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड सरकार को रामनवमी पर बिजली की आपूर्ति में कटौती करने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को संशोधित किया, जिसमें राज्य सरकार को धार्मिक जुलूसों के दौरान बिजली की आपूर्ति में कटौती करने से रोका गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से बिजली कटौती को न्यूनतम स्तर पर रखने और धार्मिक जुलूसों के मार्गों तक ही सीमित रखने को कहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इस दौरान अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। झारखंड हाईकोर्ट ने जुलूस के कारण बिजली कटौती पर लगाई थी रोक दरअसल, गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में त्योहारों में निकाले जाने वाले जुलूस के कारण दस- दस घंटे बिजली काटे जाने पर स्वत: सज्ञान लिया था। कोर्ट ने स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते कहा था कि बिजली अनिवार्य सेवा है। इसे बाधित नहीं किया जा सकता। अदालत ने रामनवमी और मोहर्रम पर निकलने वाले जुलूस के दौरान बिजली कटौती पर रोक लगा दी थी। अदालत ने ऐसे मौके पर जुलूस निकालने के लिए अनुमति दिए जाने के समय झंडों की लंबाई और चौड़ाई को निर्धारित करने को भी कहा था, ताकि झंडे बिजली के तारों के संपर्क में नहीं आएं। इधर, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और राज्य सरकार को बिजली कटौती की अनुमति दे दी गई।


