शहडोल की पुरानी बस्ती में 17 दिसंबर की रात हुई महिला की हत्या में रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सामने आई है। आरोपी पति ने पहले पत्नी के सिर में कुल्हाड़ी से वार किए। इसके बाद डंडा लेकर दम तोड़ने तक वहीं बैठा रहा। जब सांसें थम गईं, तब शव के कपड़े उतार दिए। पानी से शव को धोकर खून साफ किया। गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया। दरअसल, आरोपी का छोटा बेटा लूट के आरोप में जेल में है। बेटे की इस हालत के लिए वह अपनी पत्नी को ही जिम्मेदार मानता था। मंगलवार सुबह से उसने पत्नी से झगड़ना शुरू कर दिया। दोपहर में झगड़ा बढ़ा। शाम को पत्नी की हत्या कर डाली। जब पत्नी के भाई पहुंचे, तो आरोपी ने डंडे से हमला करने की कोशिश की। भाइयों ने मिलकर अपने जीजा (आरोपी) को रस्सी से बांध दिया। कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सोमवती बैगा (40) की हत्या के आरोप में उसके पति महेंद्र बैगा (45) को गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर की टीम पहले जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर पुरानी बस्ती में वारदात वाली जगह पहुंची। घर बंद मिला। इसके बाद सोमवती के मायके करीब 14 किलोमीटर दूर पचड़ी गांव पहुंची। यहां सोमवती की 16 साल की बेटी और बड़े भाई सूरजबली बैगा ने खौफनाक मंजर बताया, पढ़िए रिपोर्ट… आरोपी महेंद्र पेशे से राजमिस्त्री है। दोनों के दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा पंकज काम की तलाश में अहमदाबाद गया था। छोटा बेटा जेल में है। बेटी घर पर साथ रहकर 10वीं में पढ़ रही है। पहले पढ़िए, बेटी ने जो देखा और सुना
मंगलवार सुबह 10 बजे की बात है। उस समय मैं स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी मम्मी से कहा कि पापा आज सुबह से नशे में धुत हैं। आप बाहर कहीं काम पर चली जाओ। घर में मत रहो, लेकिन मम्मी नहीं मानी। बोलीं- घर में काम है, कर लूंगी, तू स्कूल जा। शाम करीब साढ़े चार बजे जब स्कूल से घर लौटी, तो बरामदे के अंदर वाला कमरा बंद था। मैंने मम्मी को आवाज दी, वो कुछ नहीं बोल रही थीं, तभी पापा की आवाज आई। वो मुझ पर चिल्लाने लगे, गाली देने लगे। मम्मी, पापा को चुप कराते हुए मुझसे बोलीं- तुम अंदर जाकर कपड़े बदल लो। उसी समय मैंने खिड़की से अंदर झांका मम्मी ठीक थीं। उनके शरीर में चोट नहीं थी। वो बैठी हुई थीं और पापा भी वहीं थे। पापा मुझे बार-बार मारने की बात कह रहे थे। मुझे इसके पहले कभी इतनी गालियां नहीं दी थीं। मैं डर गई। अंदर जाकर जल्दी ड्रेस चेंज की और अपने भाई शिवेंद्र (मामा का बेटा) को फोन किया। उन्हें पूरी बात बताई। उसके साथ बाइक से मामा के गांव पचड़ी आ गई। पिताजी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अब आगे की कहानी भाई सूरजबली की जुबानी
घबराई हुई भांजी जब घर पहुंची, तब हम खेतों में पानी लगा रहे थे। हमारे बच्चे खेत पर बुलाने आए। हम 4 भाई और 2 बहन हैं। चारों भाई घर पहुंचे। भांजी काजल को देखा, वह बहुत घबराई हुई थी। उसकी बात सुनकर हमें भी चिंता हुई। हम तीनों भाई किसी तरह साधन तलाश कर बहन के घर रात करीब 9 बजे पुरानी बस्ती पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। सन्नाटा पसरा था। बार-बार कहने पर भी किसी ने दरवाजा नहीं खोला। हम पीछे से दीवार फांदकर अंदर गए। अंदर का मंजर बहुत खौफनाक था। हम घबरा गए। बहन के शव के पास डंडा लेकर जीजा बैठा था। हम लोगों को अंदर आता देख जीजा बौखला गया। गालियां देते हुए मारने दौड़ा। मेरे साथ भाई गेंदालाल और लालमन भी थे। तीनों भाइयों ने मिलकर जीजा महेंद्र को पकड़ा। उसके हाथ को रस्सी से बांध दिए। बहन निर्वस्त्र जमीन पर पड़ी थी। पूरा कमरा गीला था, बहन का शरीर भी पानी से गीला था। वहीं, कमरे से एक कपड़ा लेकर बहन के शरीर पर डाला। चेहरे और सिर पर चोट के निशान थे। कमरे में बहा खून जीजा धो चुका था। वह कमरे को देखकर साफ हो रहा था कि जीजा ने बहन के शरीर और कमरे से खून को धोने का प्रयास किया है। जीजा को उसी कमरे में बैठा कर कोतवाली आ गया। पुलिस को घटना बताई। हम लोगों से पहले रात करीब 11 बजे पुलिस घटनास्थल आ गई। इसके बाद बहन को ऑटो में रखकर अस्पताल ले गए, डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। छोटे बेटे के जेल जाने से दुखी था मेरा भाई
पचड़ी गांव में ही अपनी भाभी के शव के पास बैठकर रो रही आरोपी महेंद्र की बड़ी बहन गीता ने कहा, ‘भाई के 3 बच्चे हैं। छोटा बेटा सुरेश बैगा लूट के मामले में 9 अगस्त से जेल में बंद है। भाई (महेंद्र) इसी बात से दुखी था। मोहल्ले के किसी पिंटू ने सुरेश को झूठा फंसाया है। इस कारण मेरा भाई पिंटू को मारने की बात अक्सर करता था। उसने तो पैर में चप्पल पहनना भी बंद कर लिया था। कहता था कि जब तक पिंटू को नहीं मार दूंगा, तब तक चप्पल नहीं पहनूंगा। भाभी (सोमवती) ने समझाया, भाई मान गया था और चप्पल पहनने लगा था। उसके मन में यह बात थी कि भाभी ने बच्चों को अच्छी परवरिश नहीं दी। इसी वजह से बच्चे ज्यादा नहीं पढ़ पाए। जब पुलिस भाई को लेकर आई, तब मुझे देखकर रोने लगा। बोला- गलती हो गई, अब कभी शराब नहीं पीऊंगा। मैंने यह सब कैसे कर दिया, कुछ नहीं पता।’ दो दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमॉर्टम के बाद सोमवती का शव बुधवार दोपहर करीब 1 बजे उसके भाइयों को को सौंप दिया गया था। अब अंतिम संस्कार कौन करे, यह बड़ा सवाल था। आरोपी पति को पुलिस ले गई, छोटा बेटा सुरेश पहले से जेल में था। बड़ा बेटा पंकज सोमवार को ही काम की तलाश में अहमदाबाद के लिए निकला था। सूरजबली ने बताया कि हमने बड़े बेटे को फोन कर सूचना दी, वह आधे रास्ते से ही घर के लिए वापस हो गया। छोटे बेटे के लिए कोर्ट से पैरोल मांगी कि शायद मां के अंतिम संस्कार के लिए कोर्ट मोहलत दे दे, वह भी नहीं हुआ। मजबूरन, हम लोगों को बहन का शव पचड़ी लाना पड़ा। जिस घर से उसे विदा किया था, आज वहीं से उसकी अर्थी उठी। गुरुवार को बड़े बेटे पंकज ने अपनी मां के शव को मुखाग्नि दी। आरोपी पति को रिमांड में भेजा
सीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि घटना के बाद आरोपी पति महेंद्र बैगा की गिरफ्तार किया है। उसे रिमांड में भेज दिया गया है। उसने अपनी पत्नी सोमवती के सिर में कुल्हाड़ी मारकर हत्या की है। आरोपी नशे में धुत था। घर वालों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले में जांच जारी है।


