नैला फाटक: रोजाना तीन हजार लोगों की आवाजाही, फिर भी नहीं बना ओवरब्रिज

भास्कर न्यूज | जांजगीर नैला रेलवे फाटक के उस पार रहने वाले 3000 शहरवासी और आसपास के आधा दर्जन गांव और नगर के लोग रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। यह सब रोज देखने के बावजूद रेलवे के अधिकारी और पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम इस समस्या का कोई हल नहीं ढूंढ पाए हैं। समस्या का हल ढूंढने के नाम पर दोनों विभाग अब तक मिलकर सिर्फ सर्वे ही कर रहे हैं, जबकि यहां अब ओवरब्रिज (ओबी) निर्माण की सख्त जरूरत है। अब संयुक्त टीम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में एक बार और सर्वे करने की तैयारी में है। सर्वे करके ओबी निर्माण के लिए जगह तय की जाएगी। इसके बाद ड्राइंग-डिजाइन फाइनल होगी। इधर, नैला-सिवनी के बीच रेलवे फाटक पर समस्या जस की तस बनी हुई है। सालों से यहां आरओबी बनाने की बात सिर्फ सर्वे तक ही सीमित रह गई है। इससे रोजाना सैकड़ों वाहन चालक और बाइक से यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जब भी इस मुद्दे को शहरवासी उठाते हैं, तो रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम सिर्फ सर्वे करने की बात कहती है। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बदल गई। इसके बाद नैला समपार पर ओवरब्रिज निर्माण की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई थी। 2017 में ओबी निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। तब से लेकर अब तक चार बार अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया है। अब फिर सर्वे होने वाला है। इसके बाद ही पता चलेगा कि ओबी का निर्माण कहां होगा और इसके लिए कितनी निजी जमीन आएगी। सर्वे पूरा होने के बाद ओवरब्रिज का अनुमानित खर्च बनेगा। इस काम में लगभग एक-दो साल और लग सकते हैं। इसलिए लोगों की परेशानी अभी कम नहीं होने वाली है। ^नैला-सिवनी फाटक के पास ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे के साथ मिलकर संयुक्त सर्वे किया जाएगा। इसके बाद जगह फाइनल की जाएगी। ड्राइंग, डिजाइन और अनुमानित खर्च तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक साल का समय लग सकता है। -आरके वर्मा, एसडीओ, सेतु निगम इन गांवों के लोग हो रहे अधिक परेशान जिला मुख्यालय जांजगीर में सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज होने के कारण आसपास के गांव सिवनी, सरखों, बलौदा, पहरिया, जावलपुर, जर्वे, बलौदा क्षेत्र के अन्य गांवों के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं। स्कूल के समय में ही ज्यादातर ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। इसके चलते छात्र-छात्राएं जाम में फंस जाते हैं। हर दिन हजारों लोग कलेक्टोरेट, जिला पंचायत, जिला अस्पताल, एसडीएम कार्यालय सहित विभिन्न दफ्तरों के अलावा निजी कामों से जांजगीर आते-जाते हैं। सर्वे ​करेंगे, इसके बाद तय की जाएगी जगह इस साल भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं अंडरब्रिज है अनुपयोगी रेलवे फाटक से थोड़ी दूर पर मौजूद अंडरब्रिज भी काम का नहीं है। कोलवाशरी और रेलवे साइडिंग के कारण यहां भारी वाहनों की भीड़ लगी रहती है। कोयला उड़ता रहता है। इसलिए लोग इस रास्ते का उपयोग नहीं करते हैं। बारिश के समय अंडर ब्रिज में पानी भरा रहता है। इस कारण भी उपयोग नहीं हो पाता है।

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