भास्कर न्यूज | जांजगीर नूतन कॉलोनी में राठौर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार की देर संध्या श्रद्धालुओं को शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास पंडित दीपक कृष्ण महाराज ने शिव विवाह का मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन करते हुए उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। दीपक कृष्ण महाराज ने पर्वतराज हिमालय की तपस्या, माता पार्वती की भक्ति और महर्षि नारद द्वारा विवाह योग बताने का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब भगवान शिव अपनी बारात लेकर नंदी पर सवार होकर भूत-पिशाचों के संग पर्वतराज के घर पहुंचे, तो वहां के परिजन अचंभित रह गए। परंतु माता पार्वती ने प्रसन्न होकर भोलेनाथ को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने ने कहा, भगवान की कथा न केवल जीवन जीना सिखाती है, बल्कि सनातन धर्म के प्रति संस्कार भी गढ़ती है। ईश्वर के प्रति समर्पण भाव से ही प्रभु की प्राप्ति होती है। उन्होंने आगे कहा कि शिव-पार्वती का प्रसंग भागवत कथा का अभिन्न हिस्सा है, जिसके श्रवण से मानसिक और आत्मीय विकार समाप्त होते हैं। कथा के दौरान भजन गायक बुद्धेश नेताम एवं उनकी टीम ने भक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने इस दिव्य प्रसंग का रसास्वादन किया और विवाह गीतों में झूमते नज़र आए। कथा के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं ने आत्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति का अनुभव किया। आयोजन की भव्यता और भक्ति भाव ने इसे एक अविस्मरणीय आयोजन बना दिया। कथा में यज्ञाचार्य पंडित चंचल महराज और जीतू महराज उपस्थित रहे।


