सागर के बड़ा बाजार स्थित लोहार वाली गली में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। अचानक कुछ युवा एक मकान की गैरेज में घुस गए। उन्होंने गैरेज में रखा सामान बाहर फेंक दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। सामान फेंकने पर मालिक ने विरोध किया तो अभद्रता की गई। हंगामा होते देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तोड़फोड़ कर रहे लोगों ने कहा कि यह जमीन मंदिर की है, जिसे खाली कराया जा रहा है। लेकिन दूसरे पक्ष ने कहा कि हम इस जमीन पर 100 सालों से रह रहे हैं। जगह खाली कराने के लिए कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। अचानक से कुछ लोग आए और तोड़फोड़ करने लगे और सामान फेंक दिया। कीमती सामान का नुकसान हुआ है। मामले में कोतवाली थाने में शिकायत की गई है। लेकिन पुलिस ने अब तक मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की है। जांच करने की बात कही जा रही है। जमीन को मंदिर का बताया
पीड़ित पक्ष हरीश विश्वकर्मा निवासी लोहार वाली गली बड़ा बाजार ने बताया कि बड़ा बाजार में उनका मकान है। गैरेज में बहुत सारा सामान रखा था। अचानक से जैन समाज के लोग आए और तोड़फोड़ कर सामान बाहर फेंक दिया। कीमती सामान का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि यह मंदिर ट्रस्ट की जगह है। मैंने उनसे दस्तावेज मांगे तो दिखाए नहीं। जगह खाली कराने के लिए नोटिस भी नहीं दिया। लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी और तोड़फोड़ करने लगे। मारपीट भी की है। उस जगह का न तो कभी किसी ने मुझसे किराया मांगा और न ही किसी को मैंने किराया दिया है। उक्त जगह 100 सालों से हमारे कब्जे में है। वो लोग दस्तावेज मुझे दिखा दें। वहीं दूसरे पत्र का कहना है कि उक्त जमीन मंदिर की है। मामले में पुलिस से संपर्क किया गया, लेकिन कोतवाली टीआई से बात नहीं हो सकी।


