गोगुंदा थाना क्षेत्र में अपने संबंधों को छिपाने के लिए युवक-युवती पर फेविक्विक डालकर चिपकाने और चाकू मारकर हत्या करने वाले दोषी तांत्रिक को कोर्ट ने कड़ी उम्र कैद की सजा सुनाई। प्रकरण के अनुसार पलोदड़ा निवासी चतर सिंह मीणा ने 18 नवंबर, 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि उनका बेटा राहुल मीणा खाना खेड़ी सरकारी स्कूल में टीचर है। 15 नवंबर को दोपहर 3 बजे बेटा घर से निकला, जो वापस नहीं आया। बहु ने राहुल को फोन किया तो गोगुंदा थाना पुलिस ने बताया कि उसका शव नग्न अवस्था में केलाबावड़ी (मजावद) के जंगल में मिला है। उसके साथ मदार गांव निवासी सोनू कुंवर का शव भी था। दोनों के शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने सागवाड़ा हाल सुखाड़िया नगर, यूनिवर्सिटी रोड निवासी तांत्रिक भालेश कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि सोनू पांच साल तक भालेश के संपर्क में थी। वह आश्रम आती थी, तभी दोनों में दोस्ती हो गई। राहुल का परिवार भी तांत्रिक के आश्रम में आता रहता था। इस दौरान राहुल और सोनू की भी दोस्ती हो गई। खुद के रिलेशन बचाने के लिए तांत्रिक ने राहुल की पत्नी को बताया कि उसके पति के किसी के साथ अवैध संबंध है। इस संबंध का खुलासा नहीं करने के लिए सोनू भालेश को ब्लैकमेल कर रही थी। सोनू ने तांत्रिक से कहा कि राहुल और उसके संबंध उजागर करने पर वह तांत्रिक के साथ अपने संबंधों का भी खुलासा कर देगी। इससे तांत्रिक परेशान था। 7 नवंबर, 2022 को वह दोनों को पूजा करने के बहाने केलाबावड़ी के जंगल में ले गया। फिर दोनों को संबंध बनाने को कहा। इसी दौरान दोनों पर फेविक्विक डाल दी। दोनों आपस में चिपक गए। तभी तांत्रिक ने उनके मुंह पर पत्थर मार दिए। फिर चाकू से वार किए और भाग गया। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक भालेश के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। जज ने लिखा… आरोपी के खिलाफ नरमी दिखाने से समाज में अव्यवस्था फैलेगी सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक डॉ. सत्येंद्र सिंह सांखला ने आरोपी के खिलाफ 16 गवाह, 78 दस्तावेज और 2 आर्टिकल पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एससी-एसटी कोर्ट की जज ज्योति कुमारी सोनी ने फैसले में लिखा कि तांत्रिक भालेश ने राहुल और सोनू की चाकू मारकर हत्या की। फिर अपराध को छिपाने के लिए सबूत मिटाने का प्रयास किया। ऐसे में मामले में नरमी कर रूख अपनाने पर समाज में अव्यवस्था फैल जाएगी। कानून का भी डर नहीं रहेगा और न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति भी नहीं होगी। इस पर कोर्ट ने तांत्रिक भालेश को दोषी करार दिया। इसे भादसं की धाराओं में कड़ी उम्र कैद और 4.10 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।


