गर्मी की शुरुआत होते ही भरतपुर में पारा चढ़ने लगा है और इसके साथ ही लोगों को पानी की चिंता सताने लगी है। ऐसे में जलदाय विभाग ने भरतपुर शहर और उसके ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पानी की किल्लत के बढ़ते दबाव को देखते हुए 40 लाख रुपए का कंटीजेंसी प्लान तैयार किया गया है। जलदाय विभाग ने पंप हाउस में लगी खराब केबल, मोटर और पाइपलाइन को बदलने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा पानी की सप्लाई में दबाव बनाए रखने के लिए ट्यूबवेलों पर 12 नई उच्च क्षमता वाली समबसेबिल मोटर लगाई जाएंगी। इनसे पानी की सप्लाई में कोई व्यवधान नहीं आएगा और गर्मी में भी घर-घर पानी पहुंच सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में जलदाय विभाग करीब 40 लाख रुपए खर्च करेगा। भरतपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में हर साल गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। शहर की कुछ कॉलोनियों के लोगों को पानी के लिए सुबह 4 बजे उठना पड़ता है। इसके बावजूद ही कुछ मिनट ही पानी की सप्लाई होती है। अब सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में करीब 60 हजार कनेक्शन धारकों को पानी की समस्या से नहीं जूझना होगा। अधिशासी अभियंता केशवदेव पांडेय के मुताबिक इस बार गर्मी में किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या से बचा जा सकेगा। इसके लिए 40 लाख रुपए की लागत से विशेष समर प्लान तैयार किया गया है।शहर में आपात स्थिति में पानी की टैंकरों से सप्लाई की जाएगी। कंट्रोल रूम के नंबर 05644-222776 पर उपभोक्ता करें सकेंगे समस्या की शिकायत एक्सईएन केशवदेव पांडेय ने बताया कि उपभोक्ता पानी की समस्या को लेकर जेईएन, एईएन, एक्सईएन और अन्य अधिकारियों से सीधी शिकायत कर सकेंगे। इसके अलावा कंट्रोल रूम के नंबर 05644-222776 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। जिस भी क्षेत्र में ज्यादा दिक्कत होगी, वहां पर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था के इंतजाम किए जाएंगे। जेईएन अपने कार्यालय पर कार्यालय समय पर मौजूद रहेंगे, जिनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे।


