भास्कर न्यूज | पचंबा पचंबा थाना क्षेत्र के पेठियाटांड चैती दुर्गाजी के मंदिर में लगतार 72 वर्षों से मां दुर्गा जी का पूजा होते आ रही है। मंदिर में कलाकारों द्वारा भव्य पंडाल बनाकर मां दुर्गा जी की प्रतिमा रखकर पूजा अर्चना की जाती है। मां दुर्गा का दर्शन करने के लिये क्षेत्र के दर्जनो गांवों से श्रद्धालुगण जुटते हैं। दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष रामनवमी के दूसरे दिन यहां मेला और भव्य भंडारा का आयोजन किया जाता है। उक्त मन्दिर रूपी पंडाल और मेला को देखने के लिये दर्जनो गांवो के ग्रामीणों की भीड़ लगती हैं। पुरोहित टी एन पांडेय ने कहा कि मंदिर में लगभग 72 वर्षों से चैती दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जो यहां के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। यह पूजा चैत्र महीने में होती है, जो हिंदू नव वर्ष के शुरुआत का समय है। दुर्गा पूजा के दौरान, लोग देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। यह पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भास्कर न्यूज | गिरिडीह शहर में चैती दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है। कई भव्य और आकर्षक पंडालों का निर्माण किया गया है, जहां मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। लाइटिंग और रंग-बिरंगी झालरों से पंडालों को सजाया गया है, जो रात में देखने पर बेहद मनोहारी लगते हैं। गिरिडीह में गांधी चौक स्थित छोटकी दुर्गा मंडप, सिरसिया, कोलडीहा, परमहंस दुर्गा मंदिर मोहलीचुआं, बरगंडा मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां की पूजा न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि आस-पास के गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र होती है। माता रानी की भक्ति में डूबा गिरिडीह इन दिनों आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रोशनी से जगमगाता हुआ नजर आ रहा है। हर पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं कलात्मक रूप से निर्मित की गई हैं। मां के नौ रूपों की झलक देखने को मिल रही है। श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन में भाग ले रहे हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर भर में भक्ति संगीत, संध्या आरती, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।


