उद्योगों की संयुक्त समस्याओं को लेकर शुक्रवार को लघु उद्योग भारती मध्यप्रदेश के नेतृत्व में प्रदेशभर में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में देवास में भी लघु उद्योग भारती की देवास इकाई ने जिला स्तर पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता और उद्योग मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर कार्यालय और जिला उद्योग केंद्र में सौंपे ज्ञापन में बताया कि छोटे-छोटे उद्यमियों पर फायर एनओसी की बाध्यता लागू की गई है। जिसमें एक जनवरी से प्रतिदिन के हिसाब से दंड का प्रावधान किया गया है, यह अनुचित है। इसी के साथ एमपीआईडीसी और डीआईसी के द्वारा संधारण शुल्क और नगर निगम द्वारा संपत्ति कर जैसे दोहरे कर से मुक्ति की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि उद्योग संवर्धन बोर्ड का गठन हुआ, लेकिन, स्थानीय जिला स्तर पर इसकी नियमित बैठकें नहीं होती हैं, जिसकी वजह से उद्यमियों की स्थानीय समस्याओं का निराकरण अप्राप्त रहता है। उन्होंने बताया कि, देवास के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती की मांग पर आकस्मिक दुर्घटना के कारण किसी श्रमिक की आकस्मिक मृत्यु होने पर बीएनएस-105 के स्थान पर बीएनएस-106 लगाने की घोषणा की थी। लेकिन, इसका आज तक क्रियान्वयन नहीं हुआ है।


