परंपरा: महाष्टमी की रात देवी मंदिरों से निकला खप्पर

भास्कर न्यूज | कवर्धा वर्षों पुरानी परंपरा अनुसार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर मध्य रात्रि को देवी मंदिरों से खप्पर निकली। नगर के दो सिद्धपीठ मां चंडी देवी मंदिर और मां परमेश्वरी मंदिर से शनिवार-रविवार मध्य रात्रि को सुरक्षा के चाक-चौबंद घेरे के बीच खप्पर निकाला गया। खप्पर निकालने के मौके पर शहर के प्रमुख 18 मंदिरों के देवी-देवताओं का विधिवत आह्वान किया गया। इस दौरान हाथों में धधकती आग और चमचमाती तलवार लेकर निकले माता के खप्पर दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। इसमें अन्य जिले के लोग भी शामिल रहे। मंदिर समितियों के अलावा सुरक्षाकर्मियों का बल भी मौके पर मौजूद रहा। ऐसी मान्यता है कि माता का खप्पर निकालने से शहर में किसी प्रकार की आपदा या बीमारी नहीं आती। देवी स्वरूपों की यह नगर यात्रा वर्षों पुरानी परंपरा है। यह आयोजन नगरवासियों की आस्था और संस्कृति का हिस्सा रहा है। मंदिर समितियों का रहा सहयोग: इस आयोजन को सफल बनाने में मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिर समिति के पंडा, सदस्य, वॉलंटियर्स, विवेकानंद एकेडमी के प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं, सभी मंदिर समितियों के सदस्य, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला। खप्पर यात्रा मंदिर समिति ने यात्रा से पहले समन्वय और सजगता से आयोजन को व्यवस्थित बनाए रखा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने फ्लैग मार्च किया: इस बार की यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहले जहां कुछ स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हुड़दंग या अव्यवस्था होती थी, इस बार ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। जिन इलाकों में पहले गड़बड़ी होती थी, वहां भी पूरी तरह शांति रही।

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