जयपुर नगर निगम हेरिटेज में आखिरकार संचालन समितियों का गठन हो गया है। सरकार ने 24 समितियों का गठन किया है। करीब 4 साल 5 माह के लंबे अंतराल के बाद कमेटियां बनाई गई है। इन कमेटियों का कार्यकाल इसी साल 10 नवंबर तक रहेगा। 10 नवंबर के बाद नगर निगम हेरिटेज के बोर्ड का भी कार्यकाल पूरा हो जाएगा। खास बात ये है कि इन कमेटियों में उन पार्षदों को भी चेयरमेन बनाया गया है, जो कांग्रेस की मेयर रही मुनेश गुर्जर को हटाने के लिए बीजेपी के साथ में आए और बीजेपी बोर्ड को समर्थन दिया है। आपको बता दें कि नवंबर 2020 में बोर्ड का गठन होने के बाद यहां कांग्रेस की पार्षद मुनेश गुर्जर मेयर बनी थीं, जिसे निर्दलीय पार्षदों ने समर्थन दिया था। तब से अब तक समितियों का गठन नहीं हुआ था। पिछले साल मुनेश गुर्जर को पद से हटाने के लिए कांग्रेस और निर्दलीय 8 पार्षदों ने बीजेपी को समर्थन दिया था। हालांकि इन सभी पार्षदों को बीजेपी ने अब तक अपना प्राथमिक सदस्य नहीं बनाया है। इस समर्थन के बाद सरकार ने मुनेश गुर्जर को पद से हटाकर कुसुम यादव को कार्यवाहक मेयर बनाया। वहीं, समर्थन देने वाले कांग्रेसी और निर्दलीय पार्षदों को समितियों में चेयरमैन बनाकर उनको तोहफा दिया। रवि जैन के नाम पर गफलत
फुटकर व्यवसाय पुनर्वास समिति के चैयरमेन रवि जैन को लेकर डीएलबी अधिकारियों में गफलत हो गई। रवि जैन अभी किसी भी वार्ड से पार्षद नहीं है। समितियों का जो प्रस्ताव आया था वह उसमें भी रवि जैन के नाम के आगे कोई वार्ड नंबर या पार्षद होने का जिक्र नहीं था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या आंखे मूंदकर समितियों के चैयरमेन तय किए गए है? इन पार्षदों को दी समितियों में चेयरमैन की कुर्सी पूर्व मेयर मुनेश गुर्जर को हटाने के लिए बीजेपी को समर्थन देने वाले कांग्रेस और निर्दलीय 8 पार्षदों में से 7 को सरकार ने समितियों में चेयरमैन बनाया है। इसमें मनोज मुद्गल, उत्तम शर्मा, ज्योति चौहान, अरविंद मेठी, मोहम्मद जकरिया, पारस जैन, संतोष कंवर को चेयरमैन बनाकर बीजेपी ने अपना कमिटमेंट पूरा किया। तीन कमेटियों की मेयर को दी कमान इन समितियों में कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव को तीन कमेटियों की कमान सौंपी है। कार्यकारी समिति के अलावा कुसुम यादव को वित्त समिति और भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति का भी चैयरमेन बनाया है। ऐसी चर्चा है कि अब तक किसी भी मेयर को एक साथ तीन-तीन समितियों का चेयरमैन नहीं बनाया गया है। इन कमेटियों का किया गठन


