जैसलमेर में अप्रैल के पहले सप्ताह में ही मई-जून जैसी गर्मी पड़ रही है। हीट वेव चलने से पारा 45 डिग्री पार पहुंच गया है। दोपहर में शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। तन को झुलसाने वाली गर्मी से हर कोई परेशान नजर आया। सुबह 10 बजे से गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया। मौसम विभाग द्वारा चार दिन का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आगामी 10 व 11 को वेस्टर्न डिस्टरबेंस की संभावना है। जिसके चलते तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद गर्मी के असर में फिर से तेजी देखी जाएगी। दोपहर में हालत बुरे
दोपहर में भीषण गर्मी ने पसीने छुड़ा दिए। शाम 6 बजे तक गर्म हवाएं चली। इसके चलते लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। सोमवार को अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर में पहली बार अप्रैल के पहले सप्ताह में ही तापमान 45 के पार पहुंच गया। गौरतलब है कि अब तक 2024 को सबसे गर्म साल माना जाता है। लेकिन इस साल अप्रेल में ही शुरू हुआ गर्मी का असर पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। प्रदेश में रविवार को जैसलमेर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किय गया। जो बाड़मेर के बाद सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग ने भी आगामी 4 दिन का अलर्ट जारी कर दिया है। जिसमें पश्चिमी राजस्थान में हीट वेव चलने की संभावना जताई गई है। 10-11 को विक्षोभ से गिरेगा तापमान
मौसम विभाग ने 4 दिन का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही आगामी 10 व 11 को वेस्टर्न डिस्टरबेंस की संभावना है। जिसके चलते तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद गर्मी के असर में फिर से तेजी देखी जाएगी। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव के अनुसार-अप्रैल में हर साल गर्मी का असर रहता है। 3-4 दिन ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद 10-11 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ की भी संभावना बन रही है। विक्षोभ से तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। इस साल टूट सकता है रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार 2024 भारत सहित पूरी दुनिया के लिए सबसे गर्म साल था। इस साल देश में 554 दिन हीट वेव चली थी। राजस्थान में गर्मी के मौसम में सालाना 8 से 12 दिन हीट वेव के माने जाते है। लेकिन 2024 में पूर्वी राजस्थान में 23 और पश्चिमी राजस्थान में 29 दिन हीट वेव चली थी।
अब मौसम विभाग को अंदेशा है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल गर्मी का असर ज्यादा तेज होगा। 2025 अब तक का सबसे गर्म साल हो सकता है। अप्रैल से शुरु हुई गर्मी को इसका आगाज माना जा सकता है। ऐसे में पश्चिमी राजस्थान में यह लगातार तीसरा सबसे गर्म साल हो सकता है। इन दो वजहों से बढ़ रहा है पारा अप्रैल में रिकॉर्ड तापमान


