रायपुर में आईबी ग्रुप द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय पोल्ट्री सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 8 और 9 अप्रैल को होगा। इसमें देश भर से करीब 6000 पोल्ट्री फॉर्मर और ट्रेडर्स शामिल होंगे। बता दें कि आईबी ग्रुप ने देश में लाखों लोगों को पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ा है। ग्रुप की योजना हर 1500 लोगों पर एक चिकन प्रोटीन सेंटर खोलने की है। वर्तमान में 300 लोगों की टीम गांव-गांव में पोल्ट्री फार्म विकसित करने का काम कर रही है। 2035 तक छत्तीसगढ़ को पोल्ट्री हब बनाने का लक्ष्य आईबी ग्रुप के एमडी बहादुर अली ने बताया कि ग्रुप का लक्ष्य 2035 तक छत्तीसगढ़ को पोल्ट्री हब बनाना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका की तरह भारत में भी प्रोटीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। अली ने बताया कि देश में चिकन प्रोटीन के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे केंद्र और राज्य सरकार छोटे-बड़े सभी उद्योगों को सहयोग कर रही है। गांव-गांव तक प्रोटीन पहुंचाने के प्रयास में आईबी ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विस्तार योजना से पूरा होगा लक्ष्य एमडी बहादुर अली का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच को सपोर्ट करते हुए कंपनी ने गांव में रहकर गांव का विकास की सोच पर काम कर रही है| इसके तहत विस्तार योजना द्वारा पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यापारियों के लिए 1000 वाहनों को सब्सिडी दिए जाने की योजना है। जिसमें वाहन खरीदने के लिए 3 साल में 21 करोड़ की सब्सिडी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्राय: यह देखा जाता है कि पोल्ट्री व्यवसाय में छोटे-छोटे व्यापारी दुकान का नाम अपने हिसाब से रख रहे हैं जिसे अब उन्हें बेहतर तरीके से नामकरण कराए जाने की भी योजना बनाई गई है। चिकन प्रोटीन सेंटर और स्टोर जैसे नाम लिखने से व्यवसाय की गंभीरता को और भी बल मिलेगा। आदिवासी महिलाओं के लिए अस्मिता प्रोजेक्ट आईबी ग्रुप की डायरेक्टर जोया आफरीन आलम ने बताया कि आदिवासी महिलाओं को रोजगार देने के लिए अस्मिता प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। जिसमें महिलाओं को जोड़कर लखपति दीदी बनाने की योजना है। अभी तक मोहला मानपुर से 25 महिलाओं का चयन कर उन्हें पोल्ट्री फॉर्म को लेकर प्रशिक्षित किया गया है। महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित करते हुए गांव-गांव में रोजगार से जोड़ा जा रहा है। राजनांदगांव जिले से इसकी शुरुआत हुई है इसके बाद अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे जिलों में काम किया जाएगा। प्रोटीन फॉर ऑल इस पहल के बारे में बात करते हुए MD ने बताया है कि आईबी ग्रुप दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए भी कार्य कर रही है। आईबी ने 2035 तक उन्हें रोज़गार देने एवं पैरा स्पोर्ट्स में सपोर्ट करने की योजना है| राजधानी में दो दिन रहेंगे देश के पोल्ट्री फॉर्मर और ट्रेडर्स बता दें कि प्रदेश की राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में 8 एवं 9 अप्रैल को देशभर के पोल्ट्री व्यापारी रहकर राज्य में पोल्ट्री क्षेत्र में किया जा रहे कार्यों को नजदीक से देखेंगे और समझेंगे जहां नए तरीके से मार्केटिंग, होम डिलीवरी जैसी सुविधाओं को अपग्रेड करने के साथ ही व्यापार के अवसर भी बताए जाएंगे।


