गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गणेशपुरी कारिआम आश्रम में चैत्र नवरात्रि और अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह परंपरा स्वामी सदानंद परमहंस जी महाराज द्वारा 41 साल पहले शुरू की गई थी। आश्रम प्राचीन कालीग्राम में स्थित है, जो बद्रीनारायण से रामेश्वरम के दक्षिण मार्ग पर है। यहां स्वामी जी की प्रेरणा से दस महाविद्या और दस महाविधेश्वर की स्थापना की गई है। आश्रम में एक आम वृक्ष के नीचे स्वयंभू गणेश जी विराजमान हैं। महा अष्टमी के दिन स्वामी शिवानंद जी महाराज का आश्रम में आगमन हुआ। ग्रामीण भक्तों और समिति सदस्यों ने हरि कीर्तन के साथ उनका स्वागत किया। उनकी उपस्थिति में हवन पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया। आस्था का प्रमुख केंद्र है आश्रम बता दें कि गणेशपुरी कारिआम आश्रम आसपास के क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष नवरात्रि में दीप प्रज्वलित किया जाता है। इसी दिन श्री सिद्ध बाबा आश्रम बेलगहना में मुख्य प्रवेश द्वार का भूमि पूजन भी संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पेंड्रा, पूर्व विधायक रामदयाल उईके, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कोरबा मनोज चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। आश्रम के शिष्य रविशंकर दुबे, अजीत पेंद्रो, समीरा पैकरा समेत कई श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य में योगदान दिया।


