बालोद में मंगलवार शाम 4 बजे शहर के शीतला मंदिर के सामने कचरे में आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग ने तेजी से फैलते हुए आसपास के खाली प्लॉट की झाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही आनन-फानन में पार्षद बंटी शर्मा और स्थानीय युवाओं ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शीतला मंदिर परिसर में मौजूद बोर से पानी की व्यवस्था की और नगर पालिका से पानी का टैंकर भी मंगाया। आग लगने के बाद गंगा सागर शीतला मंदिर के सामने पूरा धुआं फैल गया। आसपास के लोग आग को विकराल रूप लेते देख घबरा गए। इसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मंदिर के सामने गुमटी जल गया शीतला मंदिर के सामने माता के श्रृंगार की दुकान में रखी गई गुमटी आग की चपेट में आ गई। जब तक आग पर काबू पाया गया। तब तक गुमटी पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन दुकानदार को आर्थिक नुकसान जरूर उठाना पड़ा। समय पर नहीं मिल पाता अग्निशमन वाहन शहर में आगजनी की घटनाओं के दौरान समय पर अग्निशमन वाहन नहीं पहुंच पाने की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। इसको लेकर पार्षद बंटी शर्मा ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नयापारा क्षेत्र में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन अग्निशमन वाहन को बालोद शहर तक पहुंचने में 40 मिनट से भी ज्यादा का समय लग गया। पहले शहर में ही उपलब्ध रहता था वाहन पार्षद बंटी ने बताया कि पहले फायर ब्रिगेड की गाड़ी गंजपारा में ही 24 घंटे खड़ी रहती थी। जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सकता था। लेकिन अब वाहन को जमरुआ स्थित नगर सेना कार्यालय में खड़ा किया जाता है। जहां से शहर तक आने में काफी समय लग जाता है।


