पिछली कांग्रेस सरकार के आखिरी छह महीने के फैसलों के रिव्यू के लिए बनी कैबिनेट सब कमेटी जल्द सीएम को रिपोर्ट सौंपने वाली है। कैबिनेट सब कमेटी ने जमीन आवंटनों से लेकर आचार संहिता से पहले किए गए फैसलों को स्क्रूटनी के दायरे में रखा है। आखिरी छह महीने में जिन सामाजिक संस्थाओं को जमीन आवंटित हुई थीं उनमें से ज्यादातर को हरी झंडी मिलने के आसार हैं। कैबिनेट सब कमेटी के मेंबर कानून और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सामाजिक संगठनों को जमीन आवंटित की थी, जिन सामाजिक संगठनों ने लीज का पैसा जमा कर दिया है और अपना कब्जा ले लिया है ऐसे मामले जनहित में निरस्त नहीं किया जाएंगे। आवंटन के कई मामले ऐसे भी हैं जिन्हें रातों-रात ही जमीन आवंटित की गई है उसमें भारी अनियमितताएं बरती गई थी, ऐसे मामलों की सूची भी हमने तैयार की है। कैबिनेट सब कमेटी ने पकड़ी कई अनियमितताएं पटेल ने कहा- गहलोत सरकार ने आचार संहिता लगने से कुछ दिन पहले और कुछ सप्ताह पहले हड़बड़ी में भारी अनियमितताएं की और कई अनैतिक निर्णय लिए। जाते-जाते 300 से ज्यादा जमीनें अलॉट करना, मेडिकल में 600 करोड़ का कर्ज, बिना टेंडर ही पैसा खर्च करने जैसे कई मामले सामने आए हैं। कैबिनेट सब कमेटी की छानबीन के दौरा कांग्रेस सरकार की अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा- हमने उन अनियमितताओं को विभागवार भी जांच करने के लिए कहा था। विभागों की रिपोर्ट भी हमें मिल गई है अब हम सभी रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं और उन सब का आकलन करने के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। विभागों की रिपोर्ट पर चर्चा करेगी कमेटी अब कमेटी के सदस्यों के बीच बैठकें होंगी,जिसमें विभागों की ओर से दी गई रिपोर्ट पर चर्चा होगी। कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि समीक्षा के दौरान भारी अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। हमने अलग-अलग विभागों को भी समीक्षा करने को कहा था, विभाग खुद ही जांच करके तथ्यात्मक रिपोर्ट हमें भेज दे और हम इस रिपोर्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।


