सिरोही में मंगलवार को राष्ट्र सेविका समिति का विराट पथ संचलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रामझरोखा में बहनों के एकत्रीकरण से हुई। मुख्य अतिथि साध्वी संतोष और प्रांत प्रचारिका सुश्री ऋतु शर्मा ने लक्ष्मीबाई केलकर, द्वितीय आद्य प्रमुख संचालिका सरस्वती ताई आप्टे एवं देवी अष्टभुजा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साध्वी संतोष ने बालिकाओं को देखकर कहा कि समाज की एक नई पौध तैयार हो रही है। उन्होंने संगठन और संस्कार के साथ आध्यात्मिकता के महत्व पर प्रकाश डाला। जोधपुर प्रांत प्रचारिका सुश्री ऋतु शर्मा ने समाज के उत्थान में किशोरियों और मातृ शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शाखाओं के विस्तार और संस्कार निर्माण का आह्वान किया। ऋतु शर्मा ने बेटियों को राष्ट्र की नींव बताते हुए ‘नारी तू नारायणी’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए समाज की प्रत्येक तरुणी और नारी शक्ति को संगठित, समर्थ और सक्षम बनना होगा। जिला कार्यवाहिका श्रीमती चित्रलेखा जोशी की उपस्थिति में प्रांत प्रचारिका ने सेविकाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें ओज, तेज और शक्ति से संपन्न होने का आह्वान किया। ओजस्वी पाथेय के पश्चात सायं 5.30 बजे उमंग से भरी हुई सिरोही नगर की मातृ शक्ति ने श्वेत गणवेश में लयबद्ध कदमताल करते हुए, घोष के वादन के साथ संगठन गढ़े चलो सुपंथ पर बढ़े चलो के भाव के साथ पथ संचलन आरंभ किया। पथ संचलन का नागरिकों, विविध संगठनों के पदाधिकारियों, महिलाओं ने पुष्प वर्षा एवं भारत माता की जय के उद्घोष द्वारा बहनों का स्वागत किया। रामझरोखा मैदान से प्रारम्भ हुआ पथ संचलन में तीन बहने बुलेट मोटर साइकिल व दाे स्कूटी पर ध्वज थामे आगे चल रही थी। पथ संचलन वीर भगवान चौक, नीलमणी चौक, आर्य समाज रोड, एन.सी.सी. सर्कल, बग्गीखाना रोड, सुनारवाडा, गणेश बावडी, सदर बाजार, सरजावाव दरवाजे से बस स्टैण्ड रोड, कल्पतरू होटल के पास से भाटकड़ा स्कूल , नया बाजार होतें हुए पुनः रामझरोखा मैदान पहुंच कर संपन्न हुआ। करीब तीन किलोमीटर वाले इस मार्ग में 370 मातृ शक्ति ने पथ संचलन में भाग लिया। कार्यक्रम में समस्त जिला कार्यकारिणी एवं विभाग कार्यकारिणी उपस्थिति रही।


