जयपुर के NGO में नाबालिग लड़कियों को बेच रहा था। आरोपी फेसबुक के जरिए नाबालिग लड़कियों के परिवारों को शादी का झांसा देकर फंसाते थे। एजेंटों के माध्यम से बहला-फुसलाकर लाई गई लड़कियों को लाखों रुपए में बेच दिया जाता था। बस्सी पुलिस ने दबिश देकर NGO संचालिका समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे और भी खुलासे होने की उम्मीद है। 7 पॉइंट में समझिए पूरा मामला…
1. सर्वसमाज गायत्री फाउंडेशन नाम का NGO
डीसीपी (ईस्ट) तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मामले में NGO संचालिका गायत्री विश्वकर्मा (52), भगवानदास (27), महेंद्र (45) और हनुमान सिंह (32) को गिरफ्तार किया है। एक महिला को भी राउंडअप किया गया है। 2.कैसे हुआ खुलासा
मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने सर्वसमाज गायत्री फाउंडेशन पर कार्रवाई की। NGO की आड़ में नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। पुलिस ने 6 अप्रैल को छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा था। 3. फेसबुक से फंसाते थे शिकार
डीसीपी ने बताया कि NGO फेसबुक पर प्रचार कर शादी का झांसा देता था। एजेंट (स्काउट) UP, बंगाल, बिहार से लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाते थे। विरोध करने पर बदमाशों से पिटवाने की धमकी दी जाती थी और लड़कियों को डेरे से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। 4.फर्जी दस्तावेजों से करते थे काम
गायत्री लड़कियों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर पैसा लेकर अवैध शादियां करवाती थी। गायत्री पहले कानोता में यह धंधा चलाती थी। मुकदमे बढ़ने पर 7-8 साल पहले बस्सी के सुजानपुरा गांव में शिफ्ट हो गई। 5. ढाई लाख में बेची नाबालिग
उत्तर प्रदेश की रहने वाली 16 साल की लड़की को अजमेर निवासी दलाल जयपुर लेकर आए थे। ढाई लाख रुपए में सौदा कर उत्तर प्रदेश में ही करीब 16 दिन पहले नशे की डोज देकर नाबालिग की शादी करवा दी थी। शादी के बाद परेशान करने पर दोनों दलाल उसे जयपुर स्थित एनजीओ लेकर आए थे। कोलकत्ता में जॉब का झांसा दिया था। 6. एनजीओ से लड़की भागी, तो हुआ खुलासा
एक महिला की मदद से नाबालिग लड़की एनजीओ से भाग निकली थी। बाहर जाकर मदद मांगने पर पुलिस को एनजीओ के कारोबार का पता चला। नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर काट कर उत्तर प्रदेश भिजवाई। वहीं, दूसरी ओर एनजीओ पर दबिश देकर कार्रवाई कर महिला संचालिका सहित चारों आरोपियों को अरेस्ट किया। 7. महिला को भी पुलिस ने राउंडअप किया
जॉब के लिए धोखा देकर रखी महिला को भी पुलिस ने राउंडअप किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि शरीर और रंग के आधार पर नाबालिग का सौदा किया जाता था। अवैध शादी करवाने के दौरान नाबालिग को नशे की डोज दी जाती थी। जयपुर के कानोता, खोह नागोरियान और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में एनजीओ संचालिका के खिलाफ करीब 10 मुकदमे दर्ज होना सामने आया है।


