नर्मदापुरम में आज मंगलवार सुबह प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा। 200 से ज्यादा फॉरेस्ट गार्ड, पुलिस जवान के साथ टीम ने सुबह करीब 7 बजे कार्रवाई शुरू की। 5 जेसीबी और 6 ट्रैक्टर से जैसे ही अतिक्रमण हटाना शुरू किया, लोग विरोध करने लगे। पुलिस 4-5 लोगों को थाने ले गई। डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) मयंक सिंह गुर्जर ने बताया, सोहागपुर रेंज में 18 हेक्टेयर जमीन पर 8 साल से कब्जा किया हुआ है। जमीन 2017 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित हुए खामदा गांव के ग्रामीणों के लिए आवंटित है। यहां विस्थापितों ने मकान तो बना लिए, लेकिन उन्हें खेती के लिए जो भूमि दी थी, उस पर छिंदवाड़ा से आए कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। टीम ने यहां पर फेंसिंग करने के साथ ही नाली बनाई। 2019 से कब्जा कर खेती कर रहे
2019 से अतिक्रमणकारी यहां खेती कर रहे हैं। करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि से कब्जा हटाने के नाम पर अभी तक औपचारिकता होती रही। सख्त आदेश के बाद वन विभाग ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए थे। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद वन विभाग ने ये कार्रवाई की है। जिलेभर की महिला वनरक्षक तैनात
अतिक्रमण हटाने के लिए जिलेभर से महिला वनरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें एसडीएम नीता कोरी, एसडीओपी संजू चौहान, एसडीओ रचना शर्मा, रेंजर सुमित पांडे, माखननगर थाना प्रभारी हेमंत निशोद शामिल हैं। अतिक्रमण हटाने की तस्वीरें… अतिक्रमणकारी बोले- महिला-पुरुषों को घसीटा गया
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारी महिला के साथ में अतिक्रमण हटाने का विरोध करने लगे। जेसीबी के सामने भी लेट गए। इस बीच पुलिस और वन अमले को बल प्रयोग करना पड़ा। आदिवासी ग्रामीण बाबूलाल कलमे ने आरोप लगाया कि उनसे मारपीट की गई। महिला, पुरुषों को घसीटा गया। कुछ की पीठ पर चोटों के निशान है। हम लोगों को मवेशियों की तरह बहुत मारा। हालांकि फारेस्ट एसडीओ रचना शर्मा और एसडीएम नीता कोरी का कहना है कि किसी को बल पूर्वक नहीं हटाया गया। अतिक्रमणकारी आक्रोश हुए थे। जो जेसीबी के सामने बैठ रहे थे। जिन्हें हटाया गया। जमीन से बेदखल कर हमारी रोजी-रोटी छीनी
आदिवासी ग्रामीण बाबूलाल कलमे, सुमित्रा बाई ने कहा कि छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव से करीब 25 साल पहले यहां आकर बसे। खकरापुरा डांगपूरा की जमीन को हमसे छीनकर खामदा के विस्थापितों को दी जा रही। जमीन से बेदखल कर हमारी रोजी रोटी छीनी जा रही है। विस्थापितों को दूसरी जमीन भी दे सकते थे। पर ऐसा नहीं किया गया। हमारी जमीन से फसल भी उखाड़ फेंक दी। 30 लोगों को जमीन करेंगे वितरित
अतिक्रमण हटाने के बाद तार फेंसिंग की गई। खेत से मूंग, चने की फसल को भी जेसीबी और ट्रैक्टर चलाकर उखाड़ फेंक दिया गया। शाम तक जगह जगह फारेस्ट कर्मी मौजूद रहे। एसटीआर असिस्टेंट डायरेक्टर अंकित जामोद ने बताया 18 हेक्टेयर (30 एकड़) भूमि खामदा के 30 सदस्य प्रति यूनिट 5 एकड़ भूमि वितरित की जाएगी।


