हाईकोर्ट से परकोटे के 900 दुकानदारों को फौरी राहत:19  आवासीय भवनों में कॉमर्शियल काम होने पर माना था अवैध,  सरकार को कार्रवाई के लिए  2 महीने का समय

हाईकोर्ट ने परकोटे (वॉलसिटी) में संचालित 19 कॉमर्शियल-कॉम्प्लेक्स के मामले में कार्रवाई करने के लिए सरकार को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया हैं। वहीं कार्रवाई से पहले दुकानदारों की व्यक्तिगत सुनवाई करने के लिए भी कहा गया हैं। जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने दुकानदारों के प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। इससे कॉमर्शियल-कॉम्प्लेक्स में संचालित 900 दुकानदारों को फौरी राहत मिल गई हैं। निगम ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र शोभित तिवाड़ी ने कोर्ट से कहा- निगम ने कार्रवाई करते हुए 5 से 6 कॉम्प्लेक्स में संचालित दुकानों को सील कर दिया हैं। ऐसे में पहले निगम को कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए जाने चाहिए। उसके बाद व्यक्तिगत सुनवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा- यह तो उन दुकानदारों के साथ अन्याय हो गया, जिनकी दुकानें बिना सुनवाई का मौका दिए ही सील कर दी गई हैं। आज के आदेश से बाकी दुकानदारों को समय मिल गया हैं। उन्होंने कहा- निगम ने भी इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की हैं। निगम ने छोटे दुकानदारों की दुकानें सील की हैं। बड़े दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं करते हुए उनको अप्रत्यक्ष रूप से काफी समय दिया हैं। 19 भवनों को माना था अवैध दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर गठित कमेटी ने परकोटे के हल्दियों के रास्ते और इसके आस-पास के 19 भवनों को पूरी तरह से अवैध माना था। वहीं 12 भवनों को आंशिक तौर पर अवैध माना था। 19 में से कुछ भवनों में अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थी। कुछ ने वॉलसिटी के हेरिटेज से छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इन कॉम्प्लेक्स को सील करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने लिया था स्वप्रेरित प्रसंज्ञान परकोटे में आवासीय भवनों में कॉमर्शियल गतिविधियों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। वहीं रिहायशी क्षेत्र में अवैध निर्माण होना व व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित करना कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन माना था। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इन भवनों को सील करते हुए निगम को पालना रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था।

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