बाबा रामदेव ने कहा- इंसान को अपनी इंद्रियों और मन पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए। जो बह गया, वह भोगी और जो ठहर गया वह योगी। आज की शिक्षा आदमी को योगी नहीं, भोगी बना रही है। आज का युवा और बच्चे स्मार्टफोन के एडिक्टेड हो गए हैं और 90 फीसदी लोग डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। बाबा रामदेव जयपुर में भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध एक स्कूल के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा भी मंच पर थे। रामदेव उनकी ओर इशारा कर बोले- हमारे विचार संस्कृति कोई नहीं बदल सकता। किरोड़ीलाल जी को देखिए, वो बस अपने मन की करते हैं। उनकी मानसिकता कोई नहीं बदल सकता। कार्यक्रम में राज्यपाल कृष्णराव हरिभाऊ बागडे और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी मौजूद रहें। पहले चरण में 500 स्कूल भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे बाबा रामदेव ने बताया- पहले चरण में 500 स्कूल भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे। दूसरे चरण में 1000 स्कूल जुड़ने की उम्मीद है। भारतीय शिक्षा बोर्ड चाहता है कि यहां के लोग केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता (क्रिएटर) बनें। इस बोर्ड में 80 फीसदी जगह देश के वीरों के योगदान को दी जाएगी जबकि 20 फीसदी में मुगलों और उनके बुरे कर्मों के बारे में बताया गया हैं। भारतीय शिक्षा बोर्ड में वेद, उपनिषद, भगवान बुद्ध का धैर्य, महाराणा प्रताप का शौर्य और हमारी संस्कृति के अन्य अहम पहलुओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। खिलजी ने नालंदा को जलाया, अंग्रेजों ने शिक्षा नीति बदली राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागडे ने कहा- बाबा रामदेव आयुर्वेद का प्रचार कर रहे है, जो कि महत्वपूर्ण है। अंग्रेजों ने सबसे पहले हमारी शिक्षा नीति बदली क्योंकि उनको लगता था कि अगर इनको गुलाम बनाना है तो सबसे पहले इनकी शिक्षा नीति बदलो। खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया।


