2 माह से वेतन नहीं, 230 कर्मियों ने की 3 घंटे हड़ताल, 9 ट्रेनों की सफाई प्रभावित

रेलवे हटिया कोच डिपो और रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई करने वाले आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत 230 से ज्यादा सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर दी। सफाई कर्मियों ने ही बताया कि हड़ताल के कारण बुधवार को करीब 9 ट्रेनों की साफ-सफाई प्रभावित हुई। सुबह ठीक से सफाई नहीं हो पाई। जल्दबाजी में सफाई करनी पड़ी। हालांकि, सभी ट्रेनें सही समय पर छूटीं। वे लोग दो माह से वेतन नहीं मिलने समेत कई मांगों को लेकर नाराज थे। सफाई कर्मियों ने ठेका कंपनी के विरोध में बुधवार की सुबह हटिया यार्ड में 6 बजे से 9.30 बजे तक काम बंद रखा और जमकर नारेबाजी की। दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण ज्यादा आक्रोश था। सफाई कर्मियों ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी जीएसआईएस हर माह एक से 2 दिन की मजदूरी भी काट लेती है। हालांकि ठेका कंपनियों के अधिकारियों के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा… मार्च में फाइनेंशियल समस्या के कारण हो रहा विलंब जीएसएंडआईएस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रामकृष्ण स्वांसी ने कहा कि मार्च में फाइनेंशियल समस्याएं सभी कंपनियों को होती है। इसी कारण वेतन देने में विलंब हो रहा है। प्राइवेट काम में इस समय डेढ़ महीने तक देर अक्सर हो जाती है। सफाई कर्मियों को पीएफ और मेडिकल की भी सुविधा दी जाती है। वेतन मामलों की समस्या का समाधान अप्रैल में ही हो जाएगा। जहां तक 50 साल से ऊपर के सफाई कर्मियों को हटाने की बात है, तो हमारा रेलवे से ऐसा कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। कुछ लोगों को 26 की जगह 22 दिन की ड्यूटी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जीएसआईएस का रेलवे के साथ तीन साल का एग्रीमेंट भी इसी साल अगस्त में खत्म हो रहा है। 15 तक वेतन देने का आश्वासन : रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर ने सफाई कर्मियों का बकाया वेतन 15 अप्रैल तक दे देने का आश्वासन दिया है। हटिया रेलवे स्टेशन पर काम रोक कर नारेबाजी करते सफाईकर्मी। तीन साल में कोई पीएफ नहीं कटा सफाईकर्मी लीडर हीरामनी देवी ने कहा कि कंपनी जीएसआईएस ने 3 साल में अभी तक हमें मेडिकल की सुविधा नहीं दी है। पीएफ भी नहीं कटता है। दो महीने से सफाई कर्मियों को पेमेंट नहीं मिला है। ऐसे में सभी को घर चलाना मुश्किल हो गया है। चार महीने से एक दिन का वेतन काट दिया जा रहा है। मजदूरों के अन्य आरोप… 26 की जगह 22 दिन ही दी जा रही ड्यूटी सफाईकर्मी सह यूनियन लीडर दिनेश राम ने कहा कि रेलवे डिवीजन में सेकेंड्री डिवीजन में कार्यरत करीब 70 मजदूरों को महीने में 22 दिन ही ड्यूटी दी जा रही है। जबकि 26 दिन ड्यूटी देने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी कहा कि मात्र 8 या 10 कर्मियों को ही मेडिकल व पीएफ का लाभ मिल पा रहा है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के सफाइकर्मियों की सेवा समाप्त की जा रही है, जो गलत है।

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