शहरी क्षेत्र में गिरता भूजल स्तर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। लुधियाना में हर साल 3 से 4 फीट तक ग्राउंड वाटर लेवल नीचे जा रहा है। पिछले 5 साल में 40 से 45 ट्यूबवेल जवाब दे चुके हैं। नगर निगम के अंतर्गत 2.78 लाख पानी कनेक्शन हैं जबकि रोजाना पानी की मांग 373 एमएलडी है। वर्तमान में 1200 ट्यूबवेलों के जरिए शहरवासियों को पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन हर साल 10 से 15 ट्यूबवेल बंद हो जाते हैं। पीने के पानी की व्यवस्था पूरी तरह भूजल पर निर्भर है, जिससे हर साल रिबोर की जरूरत पड़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, शहरी क्षेत्र में प्रति व्यक्ति पानी की खपत 135 लीटर और गांवों में 70 लीटर है। नहरी पानी योजना के तहत खपत को 120 लीटर तक लाने का लक्ष्य है। लगातार दोहन के चलते शहर में जलस्तर अब 110 से 130 मीटर तक पहुंच चुका है, जो आने वाले समय में पेयजल संकट का कारण बन सकता है। इलाकों में समस्या रहती है न्यू शिवपुरी, शिवपुरी, ढंडारी, ढंडारी कलां, ग्यासपुरा, फौजी कॉलोनी, विजय नगर, न्यू माधोपुरी, माधोपुरी, पंजाबी बाग, छोटी जवद्दी, मनोहर नगर, मनजीत नगर, जवद्दी कलां, लेबर कलोनी, सरदार नगर, सलेम टाबरी, जालंधर बाईपास, न्यू करतार नगर, दौलत कॉलोनी, न्यू कुंदनपुरी, चंद्र नगर, गोपाल नगर, न्यू दीप नगर, पवित्तर नगर, विवेक नगर जोशी नगर, जवाहर कैंप, अंबेडकर नगर में संकट है। ट्यूबवेल से पानी की लीकेज शहर के कई ट्यूबवेलों पर पानी की लीकेज हो रही है। पुराने व जर्जर पानी के टैंक भी लीकेज का बड़ा कारण हैं। जानकारी के मुताबिक, ट्यूबवेल दिन में औसतन 10 घंटे चलते हैं और इस दौरान एक ट्यूबवेल से 300 से 400 लीटर पानी लीक हो जाता है। ऐसे में हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। नगर निगम का ओएंडएम सेल लीकेज रोकने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। नहरी पानी परियोजना को पूरा होने में लगेंगे 3 साल 21 साल के बाद अप्रैल की सबसे गर्म रात, पारा 230 {रोजाना पानी की डिमांड 373 एमएलडी {शहर में ट्यूबवेल की संख्या 900{छोटे ट्यूबवेल की संख्या 300 {वाटर सप्लाई लाइन 2500 किलोमीटर {पानी कनेक्शन 2.78 लाख लुधियाना में पेयजल संकट देखते हुए 24 घंटे नहरी पानी सप्लाई योजना का प्रस्ताव निगम बोर्ड ने तैयार किया था। इसे वर्ल्ड बैंक ने मंजूरी दे दी है। योजना 2 फेज में पूरी होगी, जिस पर करीब 3400 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पहले फेज के लिए 1400 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। कंपनी को यह काम 3 साल में पूरा करना है। योजना के तहत सिधवां कैनाल से पानी लिया जाएगा। गांव बिलगा में 40 एकड़ में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है, जहां 580 एमएलडी पानी ट्रीट होगा। शहर में नई पाइपलाइन बिछाकर आपूर्ति की जाएगी। पंजाब में सिर्फ 60 फीसदी भू-जल ही इस्तेमाल लायक बचा है। जलस्तर गिरने पर सीएम भगवंत मान पहले ही चिंता जता चुके हैं। राज्य के 23 में से 20 जिलों में ग्राउंड वाटर लेवल लगातार कम हो रहा है। कैग रिपोर्ट के मुताबिक, 23 जिलों में से 16 फ्लोराइड, 9 आयरन और 19 नाइट्रेट युक्त पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। लुधियाना, कपूरथला, अमृतसर जैसे जिलों में कॉपर, साइनाइड, निकेल, लेड, क्रोमियम, कैडमियम जैसे तत्व पानी में पाए गए हैं। लुधियाना|गर्मी के मौसम की शुरुआत हुई है और मौसम ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है। वहीं रात का पारा भी रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल महीने में दूसरी बार रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज हुआ, जो 1976 के बाद सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2004 में अप्रैल में सबसे गर्म रात 24 डिग्री के साथ रिकॉर्ड की गई थी। इस साल रात की गर्मी ने 23 डिग्री तक पहुंचकर दूसरा उच्चतम रिकॉर्ड बनाया है। मौसम विभाग का कहना है कि 10-11 अप्रैल को दिन का तापमान कुछ स्थिर रहेगा।


