भास्कर न्यूज | अमृतसर सीनियर डिप्टी मेयर और पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के बाद निगम कमिश्नर के आदेश पर रानी का बाग में अवैध खोखा लगाकर खोला गया शराब का ठेका सील कर दिया गया है। वार्ड 64 की पार्षद नीतू टांगरी ने निगम कमिश्नर को लेटर लिखा है कि ठेका खोलने के लिए 30 साल पुराना पेड़ काट दिया गया। टीपी स्कीम के तहत आस-पास की जगह पुराने समय से सील थी। उस जगह पर अवैध ठेका खोला गया। सरकार की जमीन है और इसका इल्लीगल यूज किया गया है। बरसों पुरानी नर्सरी भी हटवाई गई। जिस जगह ठेका खोला गया, वहां इंस्टीट्यूट चलते हैं। रोजाना 500 बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। सरकार एजुकेशन डे सेलिब्रेट करती है, लेकिन इनके सामने ही अवैध ठेका खोल दिया गया। पहले भी यह नोटिस में लाया गया था। वहीं ज्वाइंट कमिश्नर जय इंदर से संपर्क किया गया मगर उन्होंने चुप रहना जरूरी समझा। कनेडी एवेन्यू में 1 तो मजीठा रोड पर 3 अवैध खोखे लगाने का मामला भी सामने आ चुका है। शायद इन अवैध खोखों को हटवाने के लिए भी विरोध-प्रदर्शन का इंतजार निगम अफसर कर रहे हैं। समाजसेवी मनदीप सिंह मन्ना ने कहा कि निगम में नीचे से ऊपर तक अफसरों की सेटिंग से अवैध कब्जों का खेल शहर में चल रहा है। अवैध कब्जे हटवाने की बजाय अंदरखाते अफसर डील कर लेते हैं मगर अब यह खेल नहीं चलने देंगे। जिस जगह भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी विरोध करेंगे। निगम में अफसरशाही इतनी हावी हो चुकी है कि शहर के मेयर तक की नहीं चल रही है। पार्षदों और आम लोगों की क्या सुनेंगे। सबसे पहले 15-16 साल से सीट पर जमे अफसरों का तबादला किया जाना चाहिए। ट्रस्ट ने लैटर जारी किया है कि रणजीत एवेन्यू में नक्शा पास कराए बिना मल्टीप्लेक्स बनाया जा रहा है, काम रुकवाया जाए मगर कुछ नहीं हुआ। इसकी वजह कुछ और नहीं अफसरों की मिलीभगत है। जब खुद ही यह मान रहे कि मल्टीप्लेक्स नियम विपरीत बनाया जा रहा तो बाद में पीछे हटने का क्या मतलब है।


