बिलासपुर में नगर निगम की सामान्य सभा की पहली बैठक 15 अप्रैल को देवकीनंदन दीक्षित सभा गृह में होगी। इसमें निगम का बजट पेश किया जाएगा। जिसमें कांग्रेस के पार्षद बिना नेता प्रतिपक्ष के इस बैठक में शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष बनाने के सवाल पर कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि 18 पार्षद सामूहिक रूप से सामान्य सभा में मुकाबला करेंगे और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाएंगे। वहीं, भाजपा ने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी और आपसी कलह के चलते नेता प्रतिपक्ष तय नहीं हो सका है। बता दें कि सामान्य सभा की बैठक के पहले एक घंटे का प्रश्नकाल होगा। इसके लिए पार्षद 10 अप्रैल तक दो-दो प्रश्न विकास भवन में जमा कर सकेंगे। 11 अप्रैल को लॉटरी से प्रश्न निकाले जाएंगे। सामान्य सभा के दिन शुरू का एक घंटा प्रश्नकाल के लिए रिजर्व होगा। जिसमें एमआईसी मेंबर पार्षदों के सवालों का जवाब देंगे। इसके बाद सदन की कार्रवाई शुरू होगी। सामान्य सभा में 9 एजेंडों पर चर्चा होगी, जिसके बाद बहुमत से सभी प्रस्ताव पास किए जाएंगे। इसके बाद बजट पास किया जाएगा। इस बार नगर निगम का बजट 1089 करोड़ रुपए का प्रस्तावित है, जो पिछले साल की तुलना में 38 करोड़ रुपए अधिक है। बजट में इस बार एजुकेशन हब विकसित करने की योजना को विशेष स्थान दिया गया है। साथ ही शहर में जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालीन रणनीति पर भी जोर रहेगा। बता दें कि एमआईसी की बैठक में बजट पर चर्चा हो चुकी है, जिसे एमआईसी ने पास कर दिया है। इन एजेंडों पर होगी चर्चा आउटर के वार्ड बहतराई, खमतराई, बिजौर, लिंगियाडीह, कोनी, सकरी में पेयजल प्रबंधन के लिए 28 करोड़ 17 लाख 22 हजार की मंजूरी मिली है। इसका टेंडर किया गया है। इस पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पेयजल के लिए एचडीआई पाइप की जगह पर डीआई पाइप बिछाने के संबंध में रखे गए एजेंडों पर भी चर्चा की जाएगी। चिंगराजपारा में बन रहे व्यवसायिक परिसर के साथ ही अलग-अलग जगहों पर सड़क निर्माण के संबंध में चर्चा कर अन्य एजेंडों पर बात की जाएगी। नालंदा और पिंक टॉयलेट के लिए किया जाएगा प्रावधान सामान्य सभा की कार्रवाई के बाद मेयर पूजा विधानी 1089 करोड़ का बजट पेश करेंगी। इसमें नालंदा परिसर, वार्डों में पिंक टॉयलेट, स्कूलों में सेनेटरी पैड, फ्री वाई-फाई को लेकर प्रावधान किया जाएगा। 48 दिन बाद भी नेता प्रतिपक्ष का इंतजार नगर निगम के चुनाव में इस बार 70 वार्डों में केवल 18 पार्षद कांग्रेस पार्टी के जीतकर आए हैं। वहीं 49 भाजपा के और 3 निर्दलीय हैं। चुनाव के बाद भाजपा ने जहां सभापति और एमआईसी का गठन कर दिया, तो वहीं चुनाव परिणाम आने के 48 दिन बाद भी कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष का नाम तय नहीं कर पाई है। कांग्रेस नेताओं में नहीं बन पाई सहमति सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्षदों के बीच वरिष्ठता और अनुभव को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है, जिसके कारण नाम तय नहीं हो सका है। यदि जल्द ही नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं की गई, तो कांग्रेस की उपस्थिति सामान्य सभा में कमजोर मानी जा सकती है। सामूहिक नेतृत्व में आवाज उठाएंगे कांग्रेसी पार्षद कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि संविधान में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बनाने का प्रावधान नहीं है। पार्टी के 18 पार्षद जीत कर आए हैं। शहर विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति की जाएगी। लेकिन, पहली सामान्य सभा की बैठक में सामूहिक नेतृत्व में पार्षद मुकाबला करेंगे और जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएंगे।


