रिटर्न फाइलिंग, टैक्स नोटिस व विसंगतियों से जूझ रहे व्यापारियों के लिए अब समाधान एक क्लिक दूर है। बुधवार को तुलसी सर्किल स्थित कर भवन में आयोजित ई-टैक्स ऑफिसर कार्यशाला में व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पोर्टल की उपयोगिता को लेकर उत्साह जताया। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत विकसित की गई ई-टैक्स ऑफिसर सुविधा को लेकर बुधवार को डीलर्स मीटिंग व कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली और इसके तकनीकी पक्षों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला की अध्यक्षता वाणिज्यिक कर विभाग के उपायुक्त (प्रशासन) कान्ति लाल जसोल ने की। मास्टर ट्रेनर गोविंद चौहान (वाणिज्यिक कर अधिकारी) ने पोर्टल की उपयोगिता, लॉगिन प्रक्रिया, मिसमैच सुधार, नोटिस व्यू और लेट फीस संबंधी जानकारी को लेकर लाइव डेमो के माध्यम से व्यापारियों को प्रशिक्षित किया। एक प्लेटफॉर्म, कई समाधान ई-टैक्स ऑफिसर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो व्यापारियों को उनके जीएसटीआईएन से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे रिटर्न में विसंगति, पेंडिंग टैक्स, नोटिस, लेट फीस आदि एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाता है। यह पोर्टल राज्य सरकार की एसएसओ आईडी के जरिए लॉगिन किया जा सकता है, जिससे डेटा की सुरक्षा और उपयोगकर्ता की पहचान सुनिश्चित होती है। व्यापारियों में दिखा उत्साह कार्यशाला में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया और पोर्टल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। व्यापारियों ने कहा कि इससे ना केवल रिटर्न फाइलिंग में पारदर्शिता आएगी बल्कि नोटिस और अन्य जटिलताओं से भी समय रहते निपटा जा सकेगा।


