जिस आईपी एड्रेस से विभागों ने निकाला टेंडर, उसी एड्रेस से भरा भी गया

पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची राज्य के 11 विभागों द्वारा टेंडर निकालने और ठेकेदारों की ओर से बोली लगाने के लिए एक ही आईपी एड्रेस का उपयोग किया गया। प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) झारखंड द्वारा पिछले पांच वर्षों (2019-2024) के लिए झारखंड निविदा पोर्टल का ऑडिट किया गया। जिसमें ये बातें सामने आई हैं। इसके बाद प्रधान महालेखाकार की ओर से इसकी जानकरी जैप आईटी के निदेशक को दी गई। निदेशक को जानकारी देते हुए कहा है कि विभागीय उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ बोलीदाताओं द्वारा समान आईपी एड्रेस के उपयोग में लाए गए कारण बताएं। महालेखाकार के पत्र के बाद जैप आईटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की ओर से राज्य के सभी संबंधित 11 विभागों को पत्र लिखा गया है। इन सभी विभागों से महालेखाकार द्वारा उठाए गए सवालों पर कारणों के बारे में जानकारी मांगी है, ताकि उसे महालेखाकार को उपलब्ध कराया जा सके। महालेखाकार की ओर से जैप आईटी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एक ही आईपी एड्रेस से एक ही निविदा के लिए एक से अधिक बोलियां लगाना अक्सर यह दर्शाता है कि बोलियां लगाने के लिए एक ही कंप्यूटर का उपयोग किया गया था। यह बोलीदाताओं के बीच मिलीभगत का संकेत है। बोलीदाताओं और विभाग के अधिकारियों के बीच मिलीभगत की संभावना और भी अधिक है, यदि बोलियां खरीद इकाई के आईपी एड्रेस से लगाई जाती हैं। महालेखाकार ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि ऑडिट में यह पाया गया है कि निविदा आमंत्रण सूचना, निविदा दस्तावेज और बोलियों के मूल्यांकन आदि को अपलोड करने के लिए विभागीय उपयोगकर्ताओं द्वारा 4693 आईपी एड्रेस का उपयोग किया गया। बोलीदाताओं द्वारा भी 207405 बोलियां लगाई गई, जिसमें उन्हीं आईपी एड्रेस का उपयोग किया गया। सड़क निर्माण विभाग, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग।

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