राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह शरीफ में जियारत की। इस दौरान चादर पेश कर अमन-चैन और देश में भाईचारे की दुआ मांगी। बातचीत के दौरान भाजपा पर हमला बोला। जूली ने भाजपा की नीतियों को समाज को बांटने वाली मानसिकता करार दिया। बोले- भाजपा की मानसिकता लड़ाने की जूली ने कहा कि अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में सूफी परंपरा का एक अहम केंद्र मानी जाती है, जहां हर धर्म और वर्ग के लोग आकर श्रद्धा के साथ सिर झुकाते हैं। भाजपा की मानसिकता धर्म और जाति के आधार पर समाज के एक वर्ग को दूसरे से लड़ाने की रही है। आज यह मानसिकता पूरी तरह से उजागर हो चुकी है, लेकिन देश के सभी वर्गों को संयम बरतना होगा। जूली ने भाजपा नेता द्वारा की गई विवादित टिप्पणी या कार्य का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दिनों जो भाजपा नेता ने किया, उसे दोहराने की आवश्यकता नहीं है, वह घटना पूरे देश को मालूम है। उस घटना ने भाजपा सरकार की सोच और उसकी असली मानसिकता को देश के सामने उजागर कर दिया है। अंबेडकर का हवाला दिया जूली ने संविधान और डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि जब हम संविधान की बात करते हैं, तो वह हर नागरिक पर लागू होता है। चाहे वह आम नागरिक हो या कोई राजनीतिक दल। उन्होंने यह भी कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी धर्मों और जातियों के लोगों को मिलकर काम करना होगा। यह समय है जब हमें बाबा साहब अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए और संविधान की मूल भावना को सशक्त करना चाहिए। जूली ने अजमेर के कई कार्यक्रमों में भी शिरकत की। दरगाह जियारत के दौरान जूली के साथ किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, निवर्तमान जिलाध्यक्ष विजय जैन, हमीदा बानो आदि मौजूद रहे। फोटो-वीडियो-नजीर कादरी अजमेर


