छ्त्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सरहद पर हुई मुठभेड़ में जवानों ने 3 माओवादियों को मार गिराया है। इस एनकाउंटर में अंबेली IED ब्लास्ट का मास्टरमाइंड अनिल भी मारा गया है। इस घटना में DRG के 8 जवान, एक वाहन चालक समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे। 3 महीने बाद माओवादियों के कोर गढ़ में घुसकर जवानों ने नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सरहद पर इंद्रावती नदी के पार नक्सलियों की मौजूदगी है। इसी सूचना के आधार पर एक दिन पहले 12 अप्रैल को बीजापुर और दंतेवाड़ा इन दोनों जिलों से DRG के जवानों को सर्च ऑपरेशन पर निकाला गया था। वहीं एक दिन पहले सुबह 9 बजे नक्सलियों के साथ जवानों की मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ हुई गोलीबारी, 3 को मारा दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 3 नक्सलियों का एनकाउंटर कर दिया। इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। मौके से हथियार समेत अन्य विस्फोट सामान बराबर किया गया है। देर रात जवान शव और हथियार लेकर बीजापुर जिला मुख्यालय पहुंचे। वहीं आज 13 अप्रैल को तीनों नक्सलियों की शिनाख्ती हो गई है। ये है मास्टरमाइंड अनिल पुनेम इनमें से एक कि पहचान अनिल पुनेम के रूप में हुई है। अनिल ACM कैडर का नक्सली है। इसपर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित है। बताया जा रहा है कि 6 जनवरी 2025 को बीजापुर के अंबेली में IED ब्लास्ट की घटना का मास्टरमाइंड है। DRG जवानों से भरी एक स्कॉर्पियो वाहन को ब्लास्ट कर उड़ाया था। जिसमें DRG के 8 जवानों और एक वाहन चालक ने अपनी शहादत दी थी। ये हैं अन्य 2 नक्सली वहीं अन्य 2 की पहचान पालो पोड़ियाम और दिवान मड़कम के रूप में हुई है। ये दोनों माटवाड़ा LOS सदस्य हैं, और इनपर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सली IED प्लांट करना, संगठन का प्रचार करना, सड़क खोदना, पुल तोड़ना जैसे काम किया करते थे। इनके पास से 12 बोर जैसे हथियार बरामद हुए हैं।


