जयपुर-अजमेर हाईवे पर शुक्रवार को एलपीजी से भरे टैंकर को ट्रक के टक्कर मारने के बाद आग का तेज धमाका हुआ। आग लगने से 200 मीटर के दायरे में दो दर्जन से अधिक गाड़ियां जल गईं और 14 लोगों की जलने से मौत हो गई। हादसे के बाद चौंकाने वाली बात सामने आई कि एलपीजी के रिसाव के कारण पास से गुजर रहीं चलती गाड़ियां बंद हो गई थीं। धमाके की संभावना के कारण लोगों ने गाड़ियां स्टार्ट करने की भी कोशिश, लेकिन गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई। ऐसे में 15 से ज्यादा लोगों ने गाड़ियां छोड़कर भागकर जान बचाई। जो लोग गाड़ी बंद होने के बाद नहीं भाग पाए वो जिंदा जल गए। दैनिक भास्कर टीम ने हादसे वाली जगह जाकर पड़ताल की। सामने आया कि टैंकर में रिसाव के बाद एलपीजी गैस का बादल बन गया था। इससे वहां अचानक ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे चलती गाड़ियों के इंजन बंद हो गए। यही कारण रहा कि 40 से ज्यादा वाहन आग की चपेट में आ गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. रोडवेज बस को ओवरटेक करने के बाद ट्रक ने मारी थी टक्कर जयपुर-अजमेर हाईवे पर सुबह करीब 5.30 का वक्त था। रोडवेज बस को ओवरटेक करने के बाद कंबल से भरे एक ट्रक ने एलपीजी टैंकर को टक्कर मारी थी। जिस रोडवेज बस को ट्रक ने ओवरटेक किया वो भीलवाड़ा डिपो की थी। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी रहे कंडक्टर हरविंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि उनकी बस जयपुर से भीलवाड़ा जा रही थी। बस में चार सवारियां सवार थी। दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास बने कट पर एलपीजी से भरा टैंकर यूटर्न ले रहा था। इसी दौरान हमारी बस को ओवरटेक करते हुए एक तेज रफ्तार ट्रक ने यूटर्न ले रहे एलपीजी टैंकर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर का नोजल टूट गया और एलपीजी गैस का रिसाव होने लगा। एलपीजी गैस कोहरा की तरह तेजी से बाहर निकली। एलपीजी गैस ने 15 से ज्यादा चलती गाड़ियों को बंद कर दिया कंडक्टर हरविंदर शेखावत ने बताया कि हर तरफ एलपीजी गैस कोहरे की तरफ फैल रही थी। हमारी बस एलपीजी टैंकर और ट्रक की टक्कर के बाद महज 50 मीटर की दूरी पर ही अचानक बंद हो गई। मैंने ड्राइवर दशरथ सिंह को चिल्लाते हुए कहा कि जल्दी गाड़ी स्टार्ट करके भगाओ, गैस फैल रही है, आग लग सकती है। ड्राइवर ने दो से तीन बार सेल्फ मारकर बस को स्टार्ट करने की कोशिश की। लेकिन बस स्टार्ट नहीं हुई। मैं भांप गया था कि कभी भी आग लग सकती है। मैंने तत्काल चारों सवारियों को बस से उतार कर भागने के लिए कहा। सवारियां उतारने के बाद ड्राइवर सहित हम बस वहीं छोड़कर भागने लगे। गैस से चलती गाड़ियां बंद हो रही थी, मैंने 10 ज्यादा लोगों को गाड़ियों से बाहर निकाल बचाया हरविंदर सिंह ने बताया कि हाईवे पर हादसे के पास सिर्फ हमारी ही नहीं दूसरी कई गाड़ियां भी बंद हो रही थी। हमारे पीछे चल रहा एक ट्रक और स्विफ्ट कार भी इसी तरह बंद हो गए। मैंने चिल्लाते हुए गाड़ियां वहीं छोड़कर भागने के लिए कहा। रास्ते में करीब 10 से ज्यादा बंद गाड़ियों में सवार लोगों को भागने के लिए कहा। हाइवे की सर्विस लेन में खड़े एक ट्रेलर में तीन लोग सो रहे थे। उन्हें नींद से जगाया। तब जाकर लोगों की जान बची। हादसे की जगह से 100 मीटर दूर भागने के बाद धमाका हुआ हरविंदर सिंह ने बताया कि एलपीजी टैंकर और ट्रक में टक्कर हुए मुश्किल से 2-3 मिनट ही हुए होंगे। अचानक तेज आवाज के साथ धमाका हुआ। आग का गुबार 100-200 फीट ऊंचा गुबार उठा और हर तरफ तेज रोशनी हुई। धमाके की आवाज सुनकर ही हम डर से खौफ में आ गए। गनीमत रही कि हम गैस रिसाव होने के बाद वहां से दूर हट गए थे। अगर एक्सीडेंट के तुरंत बाद आग लग जाती हम सब जिंदा जल जाते। धमाके के बाद हम लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी और बिजली की सप्लाई बंद करवाई। चलती हुई कार बंद हुई फिर अंदर धमाके से गेट टूट गए हादसे वाली जगह से महज 80-100 मीटर दूर एक फार्म हाउस पर गार्ड की ड्यूटी कर रहे जमना लाल ने बताया कि सुबह के करीब साढे़ 5 बजे का वक्त था। हादसे के समय मैं गेट के बाहर ही खड़ा था। एलपीजी गैस की रिसाव के बाद हाईवे पर कुछ भी दिखना बंद हो गया था। एक ड्राइवर वहां से भागने के लिए कार भगाकर जाने लगा, लेकिन चलती कार बंद हो गई। थोड़ी देर बाद आग लगी और तेज आवाज के साथ धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि कार के शीशे तक टूट गए। हादसे के बाद मैंने देखा कि एक ट्रेलर चलते-चलते बंद हो गया। उसके बाद उसमें आग लग गई। हादसे की जगह करीब एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों में आग लगी थी। इनमें से कई लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। क्या एलपीजी कोहरे से ऑक्सीजन की कमी से चलती गाड़ियां बंद हुईं? अनिल व्यास ( प्रोफेसर, MBM यूनिवर्सिटी, जोधपुर): इंजन को चलाने के लिए फ्यूल के साथ कार्बोरेटर से ऑक्सीजन पहुंचाने के बाद स्पार्क से इंजन स्टार्ट होता है। अगर ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है तो चलती गाड़ी का इंजन बंद हो जाता है। हाईवे पर जब गैस का बादल बना होगा तो ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण गाड़ियों के इंजन बंद हो गए। प्रदीप सिंह (ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट): गाड़ियों का इंजन को चालू रखने के लिए फ्यूल के साथ-साथ ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जब तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होती इंजन स्टार्ट भी नहीं होता है। एलपीजी गैस का रिसाव होने से हादसे वाली जगह गैस का बादल बन गया होगा। संभवतः इसी कारण वहां ऑक्सीजन की कमी हो गई। जिसके कारण चलती गाड़ियां बंद हो गईं। …… जयपुर हादसे की ये खबरें भी पढ़िए… 1. जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में अब तक 14 मौतें:75% तक झुलसे थे लोग, 8 घंटे तक जलती रहीं गाड़ियां, एक और टैंक फटने से बचा जयपुर में एलपीजी टैंकर ब्लास्ट के हादसे में शनिवार को दो और मौत हुई हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या अब 14 हो गई है। शुक्रवार को जयपुर के अजमेर रोड पर हुए एक्सीडेंट में 5 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए थे। पूरी खबर पढ़िए… 2. बिना सिर-पैर की लाश किसकी?:टैंकर ब्लास्ट का अंतहीन दर्द, सरकार! बंद करो, मौत के यू-टर्न जयपुर-अजमेर मार्ग पर हुए हादसे के बाद ये दिल दहलाने देने वाले दृश्य जयपुर के लोगों ने शुक्रवार को देखे। कहते हैं- किसी के दर्द को बयां नहीं किया जा सकता। पीड़ा काे महसूस नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़िए…


