जयपुर में एलपीजी टैंकर ब्लास्ट के 24 घंटे बाद दैनिक भास्कर की टीम एक्सपर्ट के साथ मौके का जायजा लेने पहुंची। सुबह 5:30 बजे टोंक रोड से रोड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. प्रेरणा को साथ लिया और ठीक हादसे के समय 5:45 पर जयपुर-अजमेर पहुंची। टीम ने एक्सपर्ट से हादसे का कारण जानने का प्रयास किया तो सामने चौंकाने वाली खामियां सामने आई। शनिवार को इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। कई घायल अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। जिस कट पर हादसा हुआ वह कट बनाने की जरूरत ही नहीं थी। कट पर पुलिसकर्मी तो रहते हैं लेकिन केवल VIP गाड़ियों को निकालने का काम करते हैं। इस कट पर ना तो कोई रेडियम, रिफ्लेक्टर, सिग्नल या मार्कर मिला। जिससे कि हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को इससे रुकने का इशारा मिल सके। हादसे के 24 घंटे बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने इस मौत के कट पर 35 मिनट गुजारे। एक्सपर्ट से जानने की कोशिश की आखिर खामी कहां रही। वीडियो में देखिए, राकेश गुसाई की रिपोर्ट… कट बनाने की जरूरत ही नहीं थी रोड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. प्रेरणा ने बताया- यहां पर इंजीनियरिंग में भारी कमी है। अगर, समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यहां पर और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। हाईवे पर एकाएक कट बनाने की जरूरत नहीं थी। रिंग रोड पर ही कर्व बना कर ट्रैफिक रिंग रोड पर निकाला जा सकता था। चौराहे पर हाई मास्क लाइट नहीं लगी हुई है। दूर से पता नहीं चलता है कि आगे चौराहा आने वाला हैं। दूसरे राज्यों के वाहन कट देख ही नहीं पाते रोड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. प्रेरणा ने बताया- सर्दी के दिनों में विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है। ऐसे में कट पर किसी भी प्रकार के रेडियम, रिफ्लेक्टर, सिग्नल, मार्कर बने हुए हैं। बाहरी राज्यों से या दूसरे जिले से आने वाले वाहन चालक इस कट को दूर से देख ही नहीं पाते। इसलिए वह अपनी रफ्तार से इस पर निकलने लगते हैं और टर्न ले रहे वाहनों से टकरा जाते हैं। टर्न लेने वाला ट्रक दोनों तरफ की रोड ब्लॉक कर देता है रोड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. प्रेरणा ने बताया- वहीं चौराहे पर बनाए गए कट और रोड की चौड़ाई काफी कम है। इस में अगर कोई बड़ा ट्रक जैसे कंटेनर, गैस टैंकर निकल रहा है तो वह अपनी तरफ की पूरी रोड के साथ-साथ वह सामने वाली पूरी रोड को ब्लॉक करता है जिस से जाम के साथ-साथ दुर्घटना होती हैं। संभवतया हादसे की ये वजहें हो सकती हैं। चौराहे के आसपास स्कूल, पेट्रोल पंप हैं उस के बाद भी किसी भी प्रकार का बोर्ड एनएचएआई के द्वारा मौके पर नहीं लगाया गया। पढ़ें टैंकर हादसे से जुड़ी ये खबर भी…. बिना सिर-पैर की लाश किसकी?:टैंकर ब्लास्ट का अंतहीन दर्द, सरकार! बंद करो, मौत के यू-टर्न एक शव, जिसके न सिर और न पैर। सिर्फ धड़-धड़। दूसरे शव के नाम पर सिर्फ हडि्डयां। वो भी कट्टे में बांधकर लाई हुई। तीसरे में मांस के लोथड़े। जयपुर-अजमेर मार्ग पर हुए हादसे के बाद ये दिल दहलाने देने वाले दृश्य जयपुर के लोगों ने शुक्रवार को देखे। (पढ़ें पूरी खबर)


