GST में Plant AND Machinery और Plant OR Machinery शब्द को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को GST की बैठक में खत्म हो सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि इन AND और OR की टर्म को लेकर सरकार और कारोबारी आमने सामने हैं। हालांकि, मामले में सुप्रीम उड़ीसा के हाईकोर्ट ने इस मामले में कारोबारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। दरअसल, जीएसटी कानून की धारा 17(5) (D) में Plant or Machinery दर्शित है। वहीं, जीएसटी कानून में Plant and Machinery स्पष्ट परिभाषित है। इसलिए Plant or Machinery पर यह परिभाषा लागू नहीं होती। ऐसे में, कारोबारियों की मांग है कि उनको ऐसी बिल्डिंग, जो प्लांट के स्कोप में आती है, उसके निर्माण में लगने वाली सामग्री पर चुकाए गए टैक्स का क्रेडिट भी मिलना चाहिए। वहीं, सरकार इस पर क्रेडिट देने के पक्ष में नहीं है। ऐसा होने की स्थिति में बिल्डिंग मैटेरियल पर वसूले गए करोड़ों रुपए के टैक्स को वापस लौटाने जैसा होगा। ऐसे में एक्ट में OR के स्थान पर AND शब्द 1 जुलाई 2017 से Retrospective Amendment (पूर्वव्यापी संशोधन) से बदला जा सकता है। जिससे, जीएसटी लागू होने की तारीख से ही धारा 17(5) (डी) में केंद्र के कानून में Plant and Machinery पढ़ा जाएगा। हाईकोर्ट ने सरकार के तर्क को नाकारा मामले को लेकर उड़ीसा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जहां हाईकोर्ट ने भी कारोबारी के पक्ष में फैसला सुनाया। इस पर सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सरकार ने कोर्ट में बताया कि पूरे जीएसटी एक्ट में कुल 11 में से 10 जगह पर Plant and Machinery लिखा गया है, वहीं एक जगह Plant or Machinery लिखा है, उसे भी Plant and Machinery ही पढ़ा जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि – हालांकि, जीएसटी एक्ट में Plant and Machinery की परिभाषा से Building को बाहर रखा गया है। लेकिन, एक्ट के सेक्शन 17 (5) (डी) में Plant or Machinery अंकित है, जो Plant and Machinery की परिभाषा में शामिल नहीं है। इसलिए जो बिल्डिंग Plant की परिभाषा में आएगी, उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) देय होगी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार द्वारा Plant or Machinery को भी Plant and Machinery ही पढ़े जाने के तर्क को नकार दिया। राजस्थान में AND तो गुजरात में OR जीएसटी विशेषज्ञ सीए (डॉ.) अर्पित हल्दिया कहते हैं- जीएसटी एक्ट भले ही किसी राज्य का हो, या केंद्र का, दोनों समान होने चाहिए। यह आश्चर्यजनक है कि एक ही प्रोविजन स्टेट व सेंट्रल के जीएसटी एक्ट में अलग-अलग है। सेक्शन 17(5) (डी) के इस विवाद पर ही नजर डालें, तो सीजीएसटी की तरह गुजरात स्टेट जीएसटी एक्ट के इस सेक्शन में Plant or Machinery अंकित है। वहीं, राजस्थान के स्टेट जीएसटी एक्ट में Plant and Machinery लिखा गया है। सयंत्र और मशीनरी की परिभाषा से जुड़े इसी शब्द के अंतर की वजह से विवाद हो रहा है कि बिल्डिंग पर क्रेडिट मिलेगी या नहीं। महज दो शब्द से जुड़ा ये मुद्दा बड़ा क्यों? किसी भी बिल्डिंग के निर्माण के लिए सीमेंट, रेत, स्टील, एल्युमीनियम, तार, प्लाईवुड, पेंट, लिफ्ट, एस्केलेटर, एयर-कंडीशनिंग प्लांट, इलेक्ट्रिकल उपकरण, ट्रांसफॉर्मर, बिल्डिंग ऑटोमेशन सिस्टम आदि के रूप में भारी मात्रा में सामग्री, इनपुट और सेवाओं की आवश्यकता होती है। साथ ही परामर्श सेवाएं, वास्तुकला सेवाएं, कानूनी और अन्य पेशेवर सेवाएं, इंजीनियरिंग सेवाएं और मॉल के निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाले अंतरराष्ट्रीय डिजाइनरों की विशेष टीम की सेवाएं भी शामिल होती हैं। उस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ये वस्तुएँ और सेवाएँ CGST अधिनियम के तहत कर योग्य हैं और कारोबारी इन्हीं वस्तुएं पर चुकाए गए टैक्स की क्रेडिट चाहते हैं। जैसलमेर की बैठक में इन पर भी निर्णय तय जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक में इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्स को खत्म करने की संभावना है। वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस पर वर्तमान में लग रहे 18 प्रतिशत जीएसटी को कम करके 5 प्रतिशत करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी छूट दिए जाने की उम्मीद है।


