दमोह के मिशन अस्पताल में 7 मरीजों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की पुलिस रिमांड 4 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। इसी के साथ पंचम व्यवहार न्यायाधीश रिया सिंह ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी के वकील सचिन नायक ने बताया कि उन्होंने अपने पक्षकार की जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। पुलिस रिमांड बढ़ाए जाने पर भी आपत्ति ली थी, लेकिन न्यायाधीश ने उनकी दलील नहीं मानी। अब एसआईटी पूछताछ के बाद 17 अप्रैल को फिर से आरोपी डॉक्टर को कोर्ट में पेश करेगी। सरकारी वकील की दलीलों से कोर्ट सहमत
शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ संजय रावत ने बताया कि उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि आरोपी की रिमांड बढ़ाई जाए, ताकि पुलिस और एसआईटी उससे और पूछताछ कर सकें। ये मामला राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़ा हुआ है। कई देशों में डॉक्टर के होने की बात सामने आई है, इसलिए सभी जगह से सबूत जुटाने हैं। जज ने उनके तर्क पर सहमति देते हुए आरोपी डॉक्टर की रिमांड बढ़ा दी है। दमोह अस्पताल के डॉक्टर का कैसे हुआ पर्दाफाश
कृष्णा पटेल नाम के शख्स ने हार्ट सर्जरी के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए शिकायत मानव अधिकार आयोग से की थी। उन्होंने ऑपरेशन करने वाले डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम की शिकायत में ये भी कहा है कि उनकी पहचान भी फर्जी है। उसके आधार कार्ड पर भी जर्मनी के डॉक्टर के पिता का नाम और पता लिखा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 10 साल से चल रहा दमोह का मिशन अस्पताल
131 बिस्तर वाला मिशन अस्पताल बीते 10 साल से चल रहा है। इसमें सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी, थ्री डी इको, सोनोग्राफी की सुविधा है। ऑक्सीजन प्लांट, पैथ लैब, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, ऑपरेशन थिएटर, गहन चिकित्सा इकाई भी हैं। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा और ट्रॉमा सेंटर भी है। फर्जी डॉक्टर की तेलंगाना में हुई थी गिरफ्तारी
दमोह में सात मौतों का आरोपी डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन कैम पहले भी कई बार धोखाधड़ी कर चुका है। उसने तेलंगाना में दो बार अस्पतालों को टेकओवर किया। कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया तो मामला पुलिस तक पहुंच गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यादव ने पत्नी दिव्या रावत के साथ मिलकर ब्राउन वॉल्ड नाम से कंपनी बनाई। इसमें खुद को डायरेक्टर और पत्नी को वाइस प्रेसिडेंट बनाया। बाद में इसे बंद करके नाम भी बदल दिया। इतना ही नहीं, फ्रांस में 17 साल के लड़के की मौत के बाद हुए दंगे को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलाकर 24 घंटे में दंगे शांत कराने के संबंध में ट्वीट किया। बस यहीं से उसकी पोल खुलने लगी। पढ़िए, तेलंगाना में कैसे लोगों को ठगा… इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- 7 हार्ट पेशेंट की मौत का आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार एसपी ने SIT बनाई, हार्ट सर्जरी के बाद 7 मरीजों की गई थी जान 7 मरीजों की मौत का आरोपी बोला-हां, मेरी डिग्री फर्जी दमोह में मिशन अस्पताल की कैथ लैब सील दमोह के फर्जी डॉक्टर का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट दमोह के फर्जी डॉक्टर का रिज्यूम देख इंदौर के अस्पतालों ने ठुकराया


