रांची| रांची के 25 वर्षीय सौरव यादव की जिंदगी उस वक्त थम गई थी, जब एक सड़क दुर्घटना के बाद उन्हें फेकल पेरिटोनाइटिस हो गया। गंभीर स्थिति में लैप्रोटॉमी कर डाइवर्जन इलियोस्टॉमी और कोलॉस्टॉमी करनी पड़ी। मरीज की स्थिति ऐसी हो गई थी कि सर्जरी करने से देश के कई बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए थे। लेकिन हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में कंसल्टेंट सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट व रोबोटिक सर्जन डॉ. मूड़े जयंत व उनकी टीम ने इसे सफलतापूर्वक िकया। इसमें सिंगल-स्टेज डुअल स्टोमा क्लोजर के साथ इंटरनलाइजेशन व एनास्टोमोसिस शामिल था। मरीज को सर्जिकल आईसीयू में रखकर दर्द प्रबंधन व निगरानी की गई।


