दुमका| रामकृष्ण आश्रम उच्च विद्यालय में रविवार को मैट्रिक की उत्तर पुस्तिका जांच रहे शिक्षकों ने काम रोक दिया। शिक्षक प्रधानाध्यापिका के व्यवहार और मूल्यांकन केंद्र की अव्यवस्था से नाराज थे। करीब पौने घंटे तक मूल्यांकन कार्य ठप रहा। सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से बात की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद शिक्षक दोबारा काम पर लौटे। इन दिनों विद्यालय में मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। करीब 200 शिक्षक इसमें लगे हैं। एक कापी जांचने पर 18 रुपए और प्रतिदिन ठहरने के लिए 200 रुपए दिए जा रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। पानी नहीं है। महिलाओं के लिए सिर्फ एक शौचालय है। पुरुषों का शौचालय बेहद गंदा है। पंखे भी ठीक से नहीं चलते। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम करने वाले शिक्षकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापिका बाहर खाने नहीं जाने देतीं। शनिवार को एक महिला शिक्षिका ने पौने पांच बजे बेटे को लेने जाने की बात कही। इस पर प्रधानाध्यापिका भड़क गईं और गलत तरीके से बात की।


