बैसाखी का पर्व शुद्धता का प्रतीक : सागर मुनि शास्त्री

अमृतसर | अध्यात्म केंद्र चौक पसियां स्थिति प्राचीन मंदिर श्री जय कृष्णियां में बैसाखी का त्यौहार और वैशाख महा संक्रांति का समारोह मनाया गया। जिसमें सर्व प्रथम श्रीमद् भागवत गीता ग्रंथ का पाठ किया गया। मंदिर की 800 वर्ष पुरानी अपूर्व देवपूजा को नमस्कार करवाया गया। समारोह के दौरान संबोधित करते मंदिर संचालक दर्शनाचार्य सागर मुनि शास्त्री ने कहा कि इस दिन सिक्ख संप्रदाय की नींव रखी गई थी। बैसाखी का त्यौहार मनुष्य को शुद्ध रहने का संदेश प्रदान करता है। इस मौके पर अंजना लूथरा, नीलम महाजन, पूजा शिंगारी, देवदास, राकेश महाजन, अरुण चौहान, अमित शिंगारी मौजूद थे।

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