पुलिस बेबस:बस्तर बाड़ा एसएसपी ऑफिस के लिए आवंटित, पर खाली नहीं हो रहा

सांसद देवेंद्र प्रताप का एसएसपी ऑफिस पर कब्जा, ताला लगाकर 5 जगह लगाई नेमप्लेट कलेक्टरेट में चल रहे एसएसपी ऑफिस के लिए गृह विभाग ने नई जगह आवंटित कर दी है। लेकिन इस पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने ताला लगाकर 5 जगह नेमप्लेट लगा दी हैं, जिससे कोई पुलिसवाला यहां भटक न सके। मामला पुलिस सिविल लाइन का बंगला नंबर बी-5/12 का है। ये भूपेश सरकार में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को आवंटित था। 2024 में जब मरकाम ने इसे खाली कर दिया उसके बाद 30 जनवरी 2025 में गृह विभाग ने इस बंगले को एसएसपी ऑफिस को आवंटित कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने एसएसपी कार्यालय शिफ्ट होने की वजह से इसकी रंगाई पुताई भी करवा डाली। पुताई कार्य खत्म ही हुआ था कि फरवरी में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह आए और उन्होंने अपने नाम की नेमप्लेट लगाकर ताला लगा दिया। एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने जब उनसे पूछा तो उनका कहना था कि सीएम कार्यालय से इस बंगले के लिए मेरे नाम की अनुशंसा गई है। मैं खाली नहीं करूंगा। पत्र से बंगले की खींचतान
पीडब्ल्यूडी के अफसर के मुताबिक एसएसपी कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए पिछले दो साल से कवायद चल रही है। इस बारे में जिला प्रशासन को 6 बार पत्र लिख चुका है। पत्राचार के बाद गृह विभाग ने बस्तर बाड़ा को आवंटन किया तो राज्यसभा सांसद प्रवेश कर गए। उन्हें बंगला खाली करने के लिए लिखित पत्र भी भेजा। ऑप्शन भी दिया, पर वे नहीं माने। बंगला एएसपी दफ्तर के नाम पर शासन ने अलॉट किया है। विभाग ने एसएसपी दफ्तर के लिए नार्मल रंग रोगन का काम करवाया है। अभी बंगला एसएसपी कार्यालय के नाम पर अलॉट है।
-राजीव नसीने, ईई डिवीजन-1 रायपुर बस्तर बाड़ा हमें आवंटित किया गया था, लेकिन सांसद प्रवेश कर गए। अब हमने कलेक्टोरेट कार्यालय में पास ही दूसरी जगह चिह्नांकित कर ली है। वहां जल्द ही शिफ्ट हो जाएंगे।
-लाल उम्मेद सिंह, एसएसपी, रायपुर सीधी बात – देवेंद्र प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद विकल्प मिलने तक नहीं छोडूंगा बंगला बस्तर बाड़ा बंगले में कैसे रह रहे हैं?
मैंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। उनके कार्यालय से अनुशंसा के साथ नोटशीट गृहविभाग को भेजी भी गई थी। वहां से एक पत्र मिला कि गृहमंत्री अपने केंद्रीय कार्यालय के लिए रखना चाहते हैं। मैंने विकल्प मांगा तो तीन-चार ऑप्शन बताए गए। पीडब्ल्यूडी ने जिसे खंडहर घोषित कर दिया था, वह मुझे दिया जा रहा था। जवाब में कहा कि यहीं रहूंगा।
यह तो एसएसपी ऑफिस के नाम आवंटित है, आप कैसे रह सकते हैं?
मैंने गृहमंत्री विजय शर्मा से बात की थी कि मेरा बंगला रोक रखा है। तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। इसके बाद ही मैंने प्रवेश किया। एसएसपी मुझसे अनुरोध कर रहे थे कि दूसरा देख लीजिए। लेकिन प्रोटोकाल को मेंटेन करना चाहिए। आवास को कार्यालय कैसे बना सकते हैं। अगर मेरा अलॉटमेंट नहीं देखेंगे तो मुझे अपने अध्यक्ष को बताना होगा।
क्या आप बंगले में रहते हैं?
हां,शनिवार को ही मैं बंगले में ही था। अपना सामान भी शिफ्ट कर चुका हूं।
जब तक आवंटन नहीं हो जाता आप बंगले में नहीं रह सकते?
मुझे सांसद बने साल भर हो गया है। अभी तक बंगला नहीं मिल पाया। क्षेत्र के लोगों को दिक्कत हो रही है। बाहर से आए रंजीता रंजन, राजीव शुक्ला, केटीएस तुलसी को भी बंगला मिला हुआ है।

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