भरतपुर ACB कोर्ट में तैनात रहे जज जितेंद्र सिंह गुलिया को पॉक्सो कोर्ट-02 ने सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। 31 अक्टूबर 2021 को एक महिला ने जितेंद्र सिंह गुलिया पर अपने नाबालिग बच्चे से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 3 साल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पॉक्सो कोर्ट ने जितेंद्र सिंह गुलिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट में वकीलों ने जितेंद्र सिंह गुलिया को मिठाई खिलाई। इस दौरान वकीलों ने कहा की सत्य की जीत हुई है। महिला ने जितेंद्र सिंह गुलिया पर बेटे के साथ दुष्कर्म के लगाए थे आरोप 31 अक्टूबर 2021 को महिला ने मथुरा गेट थाने में मामला दर्ज करवाते हुए बताया था की मेरा 14 साल का बेटा टेनिस खेलने के लिए क्लब में जाता है। वहां पर एंटी करप्शन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह गुलिया भी टेनिस खेलने के लिए आते थे। क्लब में उन्होंने मेरे बेटे के साथ मेल मिलाप बढ़ाया और, मेरे बच्चे को अपने घर ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जज ने मेरे बच्चे के साथ अश्लील हरकत करते हुए वीडियो भी बना ली। जब मेरे बेटे को होश आया तो, जितेंद्र सिंह गुलिया मेरे बेटे को धमकाया की अगर तूने इस बारे में किसी से कहा तो, मैं तुझे तेरे दोस्तों के सामने बदनाम कर दूंगा। नाबालिग ने अपनी मां को बताई थी घटना तेरे बड़े भाई को जेल भिजवा दूंगा और तेरी मां के साथ गलत काम करूंगा। महिला ने बताया की मेरा पिछले 1 महीने से गुमसुम रहने लगा है। 28 अक्टूबर 2021 की शाम लगभग 4 बजे जितेंद्र सिंह गुलिया मेरे बेटे को घर छोड़ने के लिए आये। तब वह मेरे बच्चे के साथ अश्लील हरकत कर रहे थे। जब उन्होंने घर की बालकनी में मुझे देखा तो वह उसे घर के बाहर छोड़कर चल गए। तब मैंने अपने बच्चे से इस बारे में पूछा तो, उसने बताया की यह बहुत खतरनाक लोग हैं। यह कभी भी बड़े भाई को जेल भिजवा सकते हैं और हमें जान से मरवा सकते हैं। पुलिस इनके इशारे पर काम करती है। इसलिए आप कुछ मत कहिये। यह हुए मेरा बच्चा रोने लगा। नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का लगाया था आरोप बच्चे ने अपनी मां को बताया की जितेंद्र सिंह गुलिया उसे शराब पिलाते हैं। जूस में नशीला पदार्थ मिलकर पिलाते हैं। उसके बाद यह मेरे साथ दुष्कर्म करते हैं। जब में उनसे मना करता हूं तो, पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हैं। दो तीन बार जितेंद्र सिंह गुलिया के साथ रहने वाले अंशुल सोनी और राहुल कटारा ने भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया है। यह लोग 1 महीने से मेरा शारीरिक शोषण कर रहे हैं। महिला ने धमकाने के लगाए थे आरोप महिला ने बताया की 29 अक्टूबर उसने अपने बच्चे को क्लब में टेनिस खेलने के लिए नहीं भेजा। तब अंशुल सोनी, राहुल कटारा, एक पुलिस के अधिकारी पीएल यादव और कुछ पुलिसकर्मी मेरे घर पर आये। उन्होंने महिला को धमकाते हुए कहा अपने बेटे को जज साहब के साथ भेज इसमें तेरी भलाई है। नहीं तो, तुझे तेरे बच्चों के साथ जेल में सड़वा दूंगा। जब महिला ने मना किया तो, वह लोग गालियां देने लगे। जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठे हो गए तब वह लोग घर से चले गए। फिर रात को जितेंद्र सिंह गुलिया का फोन महिला के पास आया। तब महिला ने उन्हें बताया की मेरे बेटे ने मुझे सारी घटना बता दी है। इतना सुनकर जितेंद्र सिंह गुलिया ने फोन काट दिया। 30 अक्टूबर को क्लर्क राहुल कटारा महिला के घर आया। राहुल कटारा सारी बातों को लेकर मेरे से माफ़ी मांगी। उसके बाद अंशुल सोनी आया। उसने भी सारी घटना को लेकर माफ़ी मांगी। उसी दिन करीब 12 बजे जितेंद्र सिंह गुलिया आये उन्होंने भी सारी घटना को लेकर माफ़ी मांगी। क्या बोले जितेंद्र सिंह गुलिया के वकील जितेंद्र सिंह गुलिया के वकील देवेंद्र पाल सिंह ने बताया की आज करीब 3 साल पुराने में फैसला आया है। भरतपुर डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज एंटी करप्शन जितेंद्र सिंह गुलिया को आरोपी बनाया गया था। फैसले में उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। मुस्तगीस की तरफ से 46 गवाह पेश किए गए थे। 61 दस्तावेज पेश किए गए थे। कोर्ट की रिपोर्ट में C1 और आर्टिकल 1 और 2 डाला गया था। सभी दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद पॉस्को नंबर-01 के न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है।


