डीजल डालकर खुद को आग लगाने वाले डॉक्टर की इलाज के दौरान शनिवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। डेड बॉडी को एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। डॉक्टर दिनेश नरूका सैंपऊ सीएचसी पर तैनात थे। जानकारी के मुताबिक अलवर जिले निवासी डॉक्टर दिनेश नरूका लंबे समय से धौलपुर जिले के सैपऊ उपखंड मुख्यालय की सीएचसी पर तैनात थे। डॉ. नरूका पत्नी के साथ सरकारी क्वार्टर में रहते थे। 19 दिसंबर को अलसुबह उनकी पत्नी वॉशरूम के लिए गई थी। इसी दौरान डॉक्टर ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। पत्नी की चीख पुकार के बाद सरकारी क्वार्टर के पास मौजूद अन्य चिकित्साकर्मी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दरवाजे को तोड़कर डॉक्टर नरूका को लगी आग को बुझाया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज कराने मध्य प्रदेश के नजदीकी शहर ग्वालियर ले गए। ग्वालियर में सेहत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे थे। एसएमएस के बर्न यूनिट में डॉक्टर नरूका का उपचार किया जा रहा था, लेकिन शनिवार सुबह उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जयंतीलाल मीणा ने बताया कि डॉ. दिनेश नरूका का निधन चिकित्सा विभाग के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने बताया कि जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर में उनकी डेड बॉडी को रखवाया गया है। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।


