देसूरी में घायल लेपर्ड तीन दिन से पिंजरे में कैद है। उसका वेटरनरी डॉक्टर की ओर से देसूरी वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में उपचार किया जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार लेपर्ड की सेहत में सुधार आ रहा है। हालांकि रेस्क्यू के दिन ही लेपर्ड को जोधपुर रेफर किया जाना था। लेकिन अभी तक उसको रेफर नहीं किया गया। इस बारे में वन विभाग का कहना है कि जोधपुर माचिया सफारी पार्क में वन्यजीव विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। उपखंड क्षेत्र के आना गांव से 12 अप्रेल को घायल लेपर्ड का रेस्क्यू किया गया था। लेपर्ड के पंजे में तार का फंदा लगा हुआ था, जिससे उसकी स्थिति लगातार बिगड़ गई थी। घायल लेपर्ड खेतों में घूमता दिखा तो जोधपुर की ट्रेंकुलाइजर टीम ने आना पहुंच कर उसका रेस्क्यू किया था। उसके बाद देसूरी क्षेत्रीय वन कार्यालय में स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया। यहां तीन दिन से उपचार किया जा रहा है। वेटरनरी डॉक्टर नथाराम चौधरी का कहना है कि लेपर्ड की सेहत में सुधार देखा जा रहा है। घाव भर रहे है, अभी तक किसी तरह का संक्रमण नहीं है।


