सहकारी भूमि विकास बैंक की ब्याज राहत योजना:पात्र लोगों को मिले योजना का लाभ, शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य

जयपुर में सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। पात्र ऋणियों को हर सप्ताह मैसेज भेजे जाएंगे राजपाल बुधवार को नेहरू सहकार भवन में राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बताया- वित्त विभाग से अनुमोदित इस योजना के लिए एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है। यह पोर्टल पारदर्शी और प्रभावी होगा। इसमें ऋणियों की सुविधा के लिए विभिन्न सेवाएं उपलब्ध होंगी। पात्र ऋणियों को हर सप्ताह मैसेज भेजे जाएंगे। कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी। सभी 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों में प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। अधिक डिमांड वाले जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा प्रमुख शासन सचिव ने भूमि विकास बैंकों के कम्प्यूटराइजेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की। नियमों के अनुसार, परिणाम जारी होने से पहले पदों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है। ऐसे में प्रक्रियाधीन भर्ती से ही पदों को भरने पर विचार किया जाए। साथ ही, कामकाज को सुचारू रखने के लिए इंटर्न्स की भर्ती पर भी विचार किया जा सकता है। राजपाल ने ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत 95 प्रतिशत से कम वसूली करने वाले प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत बजट उपयोग की स्थिति, प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के स्तर पर ऋण वितरण की प्रगति और एकमुश्त योजना के दायरे से बाहर वाले अवधिपार ऋण मामलों एवं नियमित मामलों में वसूली कार्यक्रम पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत नियमित खातों में कुल 111.98 करोड़ रुपए की वसूली राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत नियमित खातों में कुल 111.98 करोड़ रुपए की वसूली की गई है, जो लक्ष्य का 91.04 प्रतिशत है। वहीं, प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के स्तर पर वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 80 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि ब्याज अनुदान योजनाओं के अंतर्गत अवधिपार ऋणों के मामलों में समझाइश और सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से वसूली कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। बैठक में राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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