भास्कर न्यूज | अंबिकापुर सरगुजा पुलिस के 6 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। शिविर में जिले के 812 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण रक्षित केंद्र के सभाकक्ष में हुआ। इसमें सहायक जिला अभियोजन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने तीन नए कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। ये तीनों कानून 1 जुलाई 2024 से देशभर में लागू होंगे। इनमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं। इन्हें पुराने कानूनों की तुलना में अधिक प्रभावी और नागरिक हितैषी बताया गया। लोगों को कई नई सुविधाएं भी दी गई हैं। प्रशिक्षण में विवेचकों को बताया गया कि नए कानूनों के तहत बेहतर विवेचना से दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। हर घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जरूरी बताई गई। इससे साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में पेश किए जा सकेंगे। एफएसएल टीम के आने से पहले साक्ष्य संकलन के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। हर दिन सहायक जिला अभियोजन अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य अधिनियम की धाराओं और प्रावधानों की जानकारी दी। विधिक विशेषज्ञों ने बताया कि नए कानून नागरिक केंद्रित और कल्याणकारी सोच पर आधारित हैं। इनमें महिला सुरक्षा, न्याय, आतंकवाद, संगठित अपराध और पीड़ित केंद्रित प्रावधानों को प्राथमिकता दी गई है। अनुसंधान में वैज्ञानिक तकनीक, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को भी शामिल किया गया है। शिविर के दौरान रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत, एडीपीओ अल्बर्ट टोप्पो, जितेश्वरी सोनवानी, नटराज पाण्डेय, अश्वनी ठाकुर, विकास कुमार श्रीवास्तव, राजेश सिंह, श्रुति कांबले और जितेंद्र नारायण सिंह कुर्रे सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


